श्रीमद् भागवत कथा में सुनाया श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाह का प्रसंग

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परिवेश पटेल

रामनगर अंबाजी मंदिर पर चल रही सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा का कथावाचक गोवर्धनलाल जी शर्मा खेड़ावदा उज्जैन के द्वारा श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाह का प्रसंग सुनाया। कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के साथ हमेशा राधा का नाम आता है।उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी लीलाओं में यह दिखाया भी था कि श्रीराधा और वह दो नहीं बल्कि एक हैं। राधा के बाद भगवान श्रीकृष्ण की प्रिय देवी रुक्मणी हुईं। दोनों के बीच प्रेम कैसे हुआ इसकी बड़ी अनोखी कहानी है। इसी कहानी से प्रेम की नई परंपरा की शुरुआत भी हुई। देवी रुक्मिणी विदर्भ के राजा भीष्मक की पुत्री थी। रुक्मणी अपनी बुद्धिमता, सौंदर्य और न्यायप्रिय व्यवहार के लिए प्रसिद्ध थीं। रुक्मिणी का पूरा बचपन श्रीकृष्ण के साहस और वीरता की कहानियां सुनते हुए बीता था। जब विवाह की उम्र हुई तो इनके लिए कई रिश्ते आए लेकिन उन्होंने सभी को मना कर दिया। उनके विवाह को लेकर माता-पिता और भाई चिंतित थे। बाद में रुक्मणी का श्री कृष्ण से विवाह हुआ। कथा का रसपान करने को बड़ी संख्या में श्रोता पहुंचे। आज विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। कथा में प्रमुख रूप से पाटीदार समाज द्वारा श्रीमद् भागवत कथा का आनंद लिया जा रहा है

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