

@Voice ऑफ झाबुआ @Voice ऑफ झाबुआ
कलेक्टर साहब स्कूल संचालकों की दुकानदारी भी देखों। कमीशन के चक्कर में गरीब बच्चों के साथ खेल रहे है खेल। न तो इनको कोई देखने वाला है और न ही इन पर कार्यवाही करने वाला। अब आप ही इन स्कूल संचालकों पर नकेल कस सकते है।
जी हां… हम बात करें रहे है चेतना पब्लिक स्कूल गढवाडा कि जहां स्कूल संचालकों द्वारा अपने बनाए प्रवेश प्रारंभ पेम्पलेट पर कपडे खरीदने के लिए दुकान का नाम व नम्बर लिख कर दिया गया है। इस बात का खुलासा तब हुआ जब ग्रामीण क्षेत्र के उक्त स्कूल में पढने वाले गरीब बच्चे जब बाजार पहुंचे तो वो रानापुर वाले शीतल श्री गारमेंट झाबुआ को ढुंढते हुए पहुंचे। जब दुकान नही मिली तो बच्चों के माता पिता ने राहगिरों से पुछ तो कोई सज्जन व्यक्ति ने उक्त दुकान बताई और उसके पुछने पर बताया कि स्कूल से हमें यहां से स्कूल ड्रेस खरीदने के लिए कहा गया अब हमारे पास मोबाईल नही है नही तो हम फोन लगा लेते तब जाकर स्कुल संचालक के चेहरे से पर्दाफाश हुआ।
कलेक्टर साहब होनी चाहिए कार्यवाही
कलेक्टर साहब उक्त स्कूल संचालकों द्वारा कमीशन के चक्कर में इस तरह का खेल खेला जा रहा रहा है और आपके दिए निर्देशों की अव्हेलना कर रहे है। ऐसे में बच्चों के साथ छलावा करने वाले ऐसे स्कूल संचालकों के खिलाफ कार्यवाही की जानी चाहिए ताकि इस तरह बच्चों के साथ किसी तरह छलावा अन्य स्कूल न कर सके।