

वॉइस ऑफ झाबुआ | थांदला
झाबुआ जिले के थांदला विकासखंड के ग्राम बालवासा में जर्जर भवन को गिराने के दौरान बड़ा हादसा हो गया। गुरुवार को पुराने भवन की दीवार अचानक गिरने से मलबे में दबकर 19 वर्षीय मजदूर टिकू कटारा की मौत हो गई। उसे उपचार के लिए गुजरात के दाहोद ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। हादसे के बाद निर्माण कार्य में सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
JCB से गिराई जा रही थी जर्जर दीवार
जानकारी के अनुसार, ग्राम बालवासा में शासकीय नवीन बालक छात्रावास भवन का निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण के लिए पुराने जर्जर भवन को हटाया जा रहा था। इसी दौरान JCB की मदद से दीवार गिराने का काम किया जा रहा था। तभी अचानक दीवार ढह गई और पास में काम कर रहा मजदूर टिकू कटारा उसके मलबे की चपेट में आ गया। हादसे में गंभीर रूप से घायल मजदूर को तत्काल दाहोद ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप
हादसे के बाद ग्रामीणों ने निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जर्जर भवन को गिराते समय जरूरी सुरक्षा मानकों का ध्यान नहीं रखा गया। यदि पर्याप्त सावधानी बरती जाती, तो संभवतः इस दर्दनाक घटना को टाला जा सकता था। हालांकि, सुरक्षा मानकों के उल्लंघन और हादसे के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
इंजीनियर पर लापरवाही का आरोप, मुआवजे की मांग
मृतक के परिजनों ने इंजीनियर संजय जैन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उचित मुआवजे की मांग की है। परिवार के लिए यह हादसा गहरा दुख लेकर आया है। अब सवाल यह है कि युवा मजदूर की मौत के लिए जिम्मेदारी किसकी तय होगी और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता कब मिलेगी।
सरपंच का दावा—पंचायत को नहीं दी गई सूचना
वहीं, बालवासा सरपंच का कहना है कि निर्माण कार्य गुजरात के एक ठेकेदार द्वारा कराया जा रहा था। उनके अनुसार, ग्राम पंचायत को न तो पुराने भवन को गिराने की सूचना दी गई और न ही भवन को डिस्मेंटल करने की अनुमति ली गई। सरपंच के इस बयान के बाद भवन गिराने की प्रक्रिया और संबंधित अनुमतियों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
अब जांच और जवाबदेही जरूरी
बालवासा की इस घटना ने निर्माण स्थल पर मजदूरों की सुरक्षा और जर्जर भवनों को गिराने के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदारी का निर्धारण और मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग उठ रही है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग मामले की जांच कर जिम्मेदारों के विरुद्ध क्या कार्रवाई करता है।