आलीराजपुर जिला ब्यूरो चीफ
आलीराजपुर। जिले में आयोजित हालिया प्रशासनिक बैठक के दौरान उस समय सियासी माहौल गरमा गया जब प्रदेश की प्रभारी मंत्री संपतिया उइके की मौजूदगी में जिले के भाजपा नेताओं की ओर से बैठक से दूरी और असहयोग की स्थिति सामने आई। जोबट विधायक सेना महेश पटेल के तरफ़ से इस पूरे घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की गई है। उन्होंने कहा कि जिले के भाजपा के मंत्री, सांसद, जिला पंचायत अध्यक्ष एवं संगठन पदाधिकारी अपनी ही सरकार के साथ समन्वय नहीं बना पा रहे हैं, वहीं प्रशासन के साथ भी तालमेल की कमी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।विधायक के अनुसार, प्रभारी मंत्री की उपस्थिति में भाजपा जनप्रतिनिधियों का बैठक से दूरी बनाना केवल राजनीतिक असहमति ही नहीं, बल्कि सरकार और प्रशासन दोनों के प्रति असंतोष और आपसी समन्वय की कमी को दर्शाता है। उन्होंने इसे जिले की विकास प्रक्रिया के लिए चिंताजनक स्थिति बताया।
उन्होंने कहा कि जब एक ही दल के जनप्रतिनिधि अपनी सरकार और प्रशासन के साथ सामंजस्य नहीं बैठा पा रहे हैं, तो इसका सीधा असर जनहित के कार्यों और विकास योजनाओं पर पड़ सकता है। ऐसे हालात में निर्णय प्रक्रिया प्रभावित होती है और जनता को योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पाता। इस घटनाक्रम ने जिले की राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है, जहां भाजपा नेताओं की अपनी ही सरकार और प्रशासन दोनों से दूरी चर्चा का विषय बनी हुई है। वहीं, राजनीतिक हलकों में इसे आंतरिक मतभेद और समन्वय की कमी के रूप में देखा जा रहा है, जिसका असर आने वाले समय में जिले की प्रशासनिक कार्यप्रणाली और विकास कार्यों पर भी पड़ सकता है।