दिलीप सिंह भूरिया आलीराजपुर ब्यूरो चीफ
चंद्रशेखर आज़ाद नगर भाभरा जिले का बहुचर्चित जमीन हड़पने के लिए पुलिस विभाग के जिले के पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर हर थाने चौकी में सौंदर्यकरण के नाम पर गरीब युवक प्रताप मोती भूरिया की जमीन चंद्रशेखर आजाद नगर थाना प्रभारी शिवराम तरोले ने गरीब युवक की जमीन पर बिना उसकी अनुमति बिना ग्राम पंचायत की अनुमति के बाउंड्री वाल बनाकर अपने पुलिस कप्तान रघुवंश सिंह को खुश करने के लिए ताबड़तोड़ बिना अनुमति बिना बजट के चारों से दीवार और लोहे के खंभे लगाकर तार जाली लगाकर प्रताप के परिवार की जमीन पर कब्जा जमा लिया जिसकी उसने सबसे पहले शिकायत चंद्रशेखर आजाद नगर अनुविभागीय अधिकारी की लेकिन तीन महीने तक उनके द्वारा आवेदन लेकर सिर्फ फाइलों में रख दिया ।उसके बाद प्रताप मोती ने जिला कलेक्टर को भी थाना प्रभारी की शिकायत की लेकिन उनके द्वारा भी कोई कार्यवाही थाना प्रभारी के ऊपर नहीं की गई ।उसके साथ ही जिला पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह को की थाना प्रभारी शिवराम तरोले की शिकायत की थी उनकी नौटंकी भी प्रताप ने देखी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप पटेल ने बयान लेकर अभी तक चुप्पी साधी हुई है साथ ही थाना प्रभारी के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं करना यह साबित करता है कि लगातार जिले भर में यह खबर सुर्खियों में होने के बाद भी जिले के सभी जवाबदार अधिकारी कर्मचारी मौन है किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं करना कही जिले के यह अधिकारी आदिवासीयो के विकाश के लिए जिले में पदस्थ है या उनका विनाश करने के लिए जिले में नौकरी करते है क्योंकि न्याय दिलाने वाली कुर्सी पर बैठकर भी इनके द्वारा कोई निर्णय नहीं लेना और उस और इनका ध्यान नहीं होना इस बात को साबित करता है कि यह राजशाही तंत्र सर्च राजनेताओं जैसे विधायक सांसद मंत्री मुख्यमंत्री लोगो की हा में हा मिलाने के लिए ही नौकरी करते है इनका अपना कोई वजूद नहीं जिले के हर विभाग में भ्रष्टाचार और आदिवासियों के विकाश की राशि का भ्रष्टाचार किया जा रहा है लेकिन मजाल है कि कोई उनको रोक सके जहां देखो वहां राशियों के बंदरबाट के चेक साइन करने तथा शराब माफियों की अवैध शराब गुजरात कैसे जाएगी और अपना हिस्सा कितना यह कि निर्धारित करने के लिए जिले के अधिकारी कर्मचारी दिन रात तैनात रहते है । जिले के हर विभाग के अधिकारी और कर्मचारी आदिवासी जिलों में सिर्फ नियुक्ति ली ही क्यों जब एक गरीब आदिवासी प्रताप पिता मोती दिव्यांग युवक पिछले तीन चार माह से अपाहिज होने के बाद भी पूरे परिवार के साथ दर दर की ठोकर खाकर थक चुका है जिला कलेक्टर नीतू माथुर और पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह आप अपनी चिरनिंद्रा कब तोड़ेंगे और अपना कर्तव्य कब निभाएगे या फिर चुप रहकर सिर्फ अपना वेतन लेकर गरीब जनता का खून अपने अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों से चूसने के काम में सहयोग देते रहेंगे या फिर जिले में निवासरत गरीब प्रताप पिता मोती दिव्यांग युवक को न्याय दिलवाने के लिए छोटा सा भी प्रयास करेंगे ।
दिनेश निनामा प्रदेश उपाध्यक्ष भारत आदिवासी पार्टी नेता ने कहा है कि जिला प्रशासन एक सप्ताह के भीतर प्रताप पिता मोती को उसकी पुस्तैनी जमीन पुलिस विभाग के अतिक्रमण से मुक्त करवाकर वापस नहीं सौंप देती और बिना अनुमति बिना बजट अवैध तरीके से अवैध रुपयों से बनाई गई बाउंड्री वाल की जांच कर थाना प्रभारी को निलंबित जब तक नहीं करेंगे और उसके खिलाफ कार्यवाही नहीं होगी तो भारत आदिवासी पार्टी भी प्रताप के साथ थाने का घेराव कर आंदोलन करेगी और प्रताप पिता मोती जमीन को पुलिस के अतिक्रमण से मुक्त करवा कर ही आंदोलन खत्म करेंगे ।