दिलीप सिंह भूरिया आलीराजपुर ब्यूरो चीफ
कट्ठीवाड़ा (अलीराजपुर)।
जब सरकार और प्रशासन तक बार-बार निवेदन करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई, तो आखिरकार आदिवासी ग्रामीणों ने खुद ही अपने हाथों में फावड़ा और कुदाल उठा ली। कट्ठीवाड़ा क्षेत्र के कुसुंबा गांव के खूनसी फलिये में ग्रामीणों ने एकजुट होकर अपने दम पर 2 किलोमीटर से अधिक लंबी कच्ची सड़क बना डाली। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से इस फलिये तक जाने के लिए सड़क की मांग की जा रही थी। कई बार पंचायत और प्रशासन के सामने आवेदन भी दिए गए, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। बरसात के समय हालात और भी खराब हो जाते थे, जिससे लोगों को आने-जाने, बच्चों को स्कूल पहुंचने और मरीजों को अस्पताल ले जाने में भारी परेशानी होती थी। आखिरकार आदिवासी परिवारों ने आपस में बैठक कर फैसला लिया कि अब इंतजार नहीं करेंगे। इसके बाद गांव के पुरुष, महिलाएं और युवा मिलकर फावड़ा, कुदाल और तगाड़ी लेकर सड़क बनाने में जुट गए।
कुछ ही दिनों की मेहनत से ग्रामीणों ने लगभग 2 किलोमीटर से अधिक लंबी कच्ची सड़क तैयार कर दी। ग्रामीणों का कहना है कि अगर प्रशासन और सरकार समय पर ध्यान देती, तो उन्हें खुद यह काम नहीं करना पड़ता। फिर भी गांव वालों की एकजुटता और मेहनत ने यह साबित कर दिया कि जब समाज जागरूक होता है तो बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान खुद भी कर सकता है। स्थानीय लोगों ने अब प्रशासन से मांग की है कि इस सड़क को पक्की सड़क में बदला जाए, ताकि आने-जाने में सुविधा हो और क्षेत्र का विकास हो सके।