दिलीप सिंह भूरिया अलीराजपुर ब्यूरो चीफ
वालपुर / आलीराजपुर
देश-विदेश में प्रसिद्ध वालपुर भगोरिया महोत्सव इस वर्ष ऐतिहासिक उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। ढोल-मांदल की गूंजती थाप, कुर्रटिया की मधुर ध्वनि और पारंपरिक नृत्य ने पूरे क्षेत्र को भगोरिया के रंग में सराबोर कर दिया। हजारों ग्रामीणजन, युवा और कार्यकर्ता पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए और आदिवासी संस्कृति की जीवंत झलक प्रस्तुत की।

आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल ने समारोह में विशेष उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने स्वयं ढोल बजाकर उत्साह का संचार किया। ढोल की थाप पर वे ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं के साथ खूब थिरके। उनके साथ युवक कांग्रेस के ज़िलाध्यक्ष पुष्पराज रावत पटेल ,महेंद्र रावत सरपंच कैलाश चौहान, अंगर सिंह चौहान सहित जिले के अनेक कार्यकर्ता भी जोश और उमंग के साथ नृत्य करते नजर आए। पूरा वातावरण एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक गर्व के संदेश से गूंज उठा।

महेश पटेल ने कहा कि भगोरिया केवल उत्सव नहीं, बल्कि आदिवासी अस्मिता, परंपरा और स्वाभिमान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति, वेशभूषा, लोकनृत्य और पारंपरिक वाद्य ही हमारी पहचान हैं, जिन्हें सहेजना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सबकी जिम्मेदारी है। वालपुर भगोरिया ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि जब संस्कृति और समाज एक साथ खड़े होते हैं, तो उत्सव जनआंदोलन का रूप ले लेता है। ढोल-मांदल की थाप पर थिरकता जनसैलाब इस बात का प्रमाण बना कि आदिवासी परंपरा आज भी पूरी शक्ति और गर्व के साथ जीवंत है।