दिलीपसिंह भूरिया अलीराजपुर ब्यूरो चीफ
आलीराजपुर : गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल में अध्ययनरत आलीराजपुर की आदिवासी समाज की होनहार छात्रा रोशनी कलेश की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु को लेकर आदिवासी समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है। न्याय की मांग को लेकर भोपाल में आयोजित धरना-प्रदर्शन में आदिवासी विकास परिषद की भोपाल शाखा ने महत्वपूर्ण एवं सक्रिय भूमिका निभाई।
आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जनप्रतिनिधि श्री महेश पटेल ने महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री एवं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से इस प्रकरण की पूर्ण, निष्पक्ष एवं सूक्ष्म सीबीआई जांच कराने की मांग की है। परिषद का कहना है कि जब तक स्वतंत्र एजेंसी द्वारा जांच नहीं होगी, तब तक सत्य पर से संदेह के बादल नहीं हटेंगे। श्री पटेल ने मृतिका के परिजनों को दो करोड़ रुपये की आर्थिक राहत प्रदान करने की भी मांग की है, ताकि पीड़ित परिवार को संबल मिल सके। परिषद का स्पष्ट मत है कि यह केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि सम्पूर्ण आदिवासी समाज के सम्मान और सुरक्षा का प्रश्न है।
प्रेस को जारी बयान में यह भी कहा गया कि धरना-प्रदर्शन के दौरान जबकि आलीराजपुर विधायक एवं प्रदेश के कैबिनेट मंत्री श्री नागर सिंह चौहान भोपाल में उपस्थित थे, तब भी उन्होंने आंदोलनरत समाजजनों से संपर्क या सहयोग नहीं किया। परिषद के पदाधिकारियों का आरोप है कि मंत्री महोदय द्वारा घटना के कई दिन बाद की गई मुलाकात महज औपचारिकता प्रतीत होती है, जिसे आमजन की भावनाओं को शांत करने का प्रयास माना जा रहा है।
इसके विपरीत, धरना-प्रदर्शन में आदिवासी विकास परिषद के साथ जोबट विधायक श्रीमती सेना महेश पटेल ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया, जिसके लिए समाजजनों ने उनका आभार व्यक्त किया। आदिवासी विकास परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र निष्पक्ष जांच एवं पीड़ित परिवार को न्याय सुनिश्चित नहीं किया गया, तो प्रदेशव्यापी उग्र आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। परिषद ने पुनः दोहराया कि उनका उद्देश्य राजनीतिक विवाद उत्पन्न करना नहीं, बल्कि एक आदिवासी बेटी को न्याय दिलाना है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।