दिलीप सिंह भूरिया अलीराजपुर ब्यूरो चीफ
अलीराजपुर जिला अलीराजपुर का शिक्षा विभाग अब आजकल ऐसे अयोग्य अधिकारी के हाथ में है जिनको सिर्फ अपनी तथा अपने सहायोगी रिश्तेदार के ठेकदार जिनमें सभी प्रकार के सप्लायर शामिल है नमक से लेकर बच्चों के कपड़ों तक में सप्लायरों की ही दादागिरी है जिले के पूर्व जिला कलेक्टर अभय बेडेकर ने एक आदेश पारित किया था कि जिले के कोई भी शिक्षा विभाग के संस्थान में बिना जिला कलेक्टर की अनुमति से खबरें कवर नहीं करने का आदेश था और उन्होंने यह आदेश सिर्फ इन्हीं जिला शिक्षा अधिकारी को सहयोग देने के लिए बनाया था ऐसा लगता है जो नहीं चाहते थे जी जिले के हॉस्टल छात्रावास आश्रम और अन्य शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले संस्थानों के अंदर जो आंतरिक काली कमाई कमिशन के माध्यम से हर अधिकारी और कर्मचारी के अलावा राजनीतिक रिश्तेदारों और उनके राजनीतिक मालिकों तक आसानी से पहुंच सके इसके लिए एक ही अधिकारी को एक से ज्यादा पदों पर पूर्व जिका कलेक्टर बेडेकर का भरपूर उपयोग किया और उनके खिलाफ और गलत लोगो के खिलाफ तथा गलत काम जो जिले में संचालित करने वाले लोगों के खिलाफ लिखने पर पत्रकारों तक को नोटिस देकर जिला कलेक्टर के कई बार चक्कर लगा चुके थे आज भी जिला उनके द्वारा योजनाबद्ध तरीके से संचालित गैंग के ही सहारे शिक्षा विभाग संचालित हो रहा है ।।क्या करे राजनैतिक संरक्षण जो प्राप्त है इनको आज जिले में इनसे भी काबिल और जवाबदार अधिकारी जिले में मौजूद है जो चुपचाप अपनी काबिलियत के बाद भी लूप लाइन में रख रखा है ।। वो अपनी गुहार लगाए तो लगाए कैसे उनका जीवन छोटा और कार्यकाल भी कुछ वर्षों का बचा है साथ ही जिले में ही किसी कोने एकाध छोटा मोटा मकान बनाकर जीवन यापन करने का सपना संजोए बैठे है जो इस बाहुबली जिला शिक्षा अधिकारी के बाहुबली रिश्तेदार के संरक्षण को संभाल ही नहीं पाएंगे ।आगे भी अगले अंक में इन अधिकारी के कार्यकाल में बच्चों की मौत बच्चों को खराब खाना बच्चों को खराब कपड़े बच्चों को खराब घटिया भोजन अतिथि शिक्षकों को समय पर वेतन नहीं साथ मध्यान भोजन जैसे छोटी छोटी योजनाओं में ठहराव प्रस्ताव जिसे छोटे कागज के लिए भी कमीशन शिक्षा विभाग में लेने की परंपरा आज भी सक्रिय है ।।
पोरवाल जिला शिक्षा अधिकारी से जिले में लगातार शिक्षा विभाग और होस्टल छात्रावास आश्रम तथा शिक्षा विभाग में अनियमितताएं लगातार हो रही है पर सिर्फ दिखावे की कार्यवाही हो रही है साथ ही लगातार ऐसे ही प्रकरण सामने आ रहे है जानकारी के लिए संवाददाता ने मोबाइल पर इनसे इनके विचार जानने के लिए फोन किया तो सर का जवाब था आंबुआ एकलव्य केंद्र से संचालित हो रहा है और अपना मोबाइल बंद कर दिया और फोन काट दिया बिना कुछ आगे बोले जब एकलव्य हॉस्टल केंद्र से चल रहा है तो आप महाशय वहां क्या लेने गए आपका क्या काम है आप तो जिला शिक्षा विभाग के कार्यालय में आराम करते कुछ तो जवाबदारी होगी तो आप अलीराजपुर जिला छोड़कर अपनी गाड़ी से आम्बुआ एकलव्य तक पहुंचे आगे इसके बारे में और घोटाले सामने वॉयस ऑफ झाबुआ के माध्यम से लायेंगे आगे अगले अंक में पूरा पढ़ने को मिलेगा
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