झाबुआ डेस्क —
झाबुआ। हिंदू युवा जनजाति संगठन मध्य मध्यप्रदेश, जिला झाबुआ (म.प्र.) ने दिनांक 09/12/2025 को (SDM), राजस्व मेघनगर को एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन सजेली नाल्यासाव व वन मामले में उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग करता है। संगठन ने आरोप लगाया है कि इस क्षेत्र की वन भूमि पर अवैध कब्जा और कटाई का बड़ा मामला है, जिसकी उच्च स्तरीय जांच ज़रूरी है।
क्या है पूरे मामले की पृष्ठ भूमि..?
संगठन के जिला महामंत्री, माधूसिंह मुनीया द्वारा हस्ताक्षरित इस आवेदन में कहा गया है कि सजेली नाल्यासाव की वन भूमि पर गौवंश की हत्या का मामला सामने आने के बाद यह अवैध गतिविधि का मुद्दा भी गरमाया है। आवेदन के अनुसार, यह क्षेत्र पुलिस थाना मेघनगर के अंतर्गत आता है और हमारे संज्ञान में आया है कि उक्त कार्य लगभग 10 वर्षों से चल रहा है। संगठन ने हैरानी जताते हुए कहा है कि इतने लंबे समय से यह सब होने के बावजूद पुलिस विभाग के खुफिया तंत्र को इसकी भनक तक नहीं लगी। पुलिस और वन विभाग पर आरोप, संगठन ने वन भूमि पर हजारों की संख्या में वन वृक्षों की कटाई, खुदाई, और अवैध निर्माण (झोपड़ी) होने का आरोप लगाया है।

वन विभाग पर सवाल? आवेदन में पूछा गया है कि वन भूमि से संबंधित बीट प्रभारी पुलिस कर्मियों व वन विभाग बीट प्रभारी वन कर्मियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जाती? संगठन ने कहा, क्या वे एक बार भी अपनी ड्यूटी के दौरान उस क्षेत्र से नहीं गुज़रे हैं, क्या उन्हें संस्थान में इस प्रकार का अवैध कार्य नहीं चल रहा था? संगठन ने ज़ोर देकर कहा है कि इस पूरे अवैध कार्य में कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी उच्च स्तरीय कमेटी बनाकर तमाम बिंदुओं पर जांच की जाए और दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।
एक डायरी मिलने का दावा भी किया
संगठन ने ज्ञापन में एक महत्वपूर्ण दावा भी किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें घटनास्थल पर एक डायरी मिली है। संगठन ने मांग की है कि इस डायरी में जिन व्यक्तियों के नाम दर्ज हैं, उन्हें कड़ी पूछताछ के लिए बुलाया जाए और उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए। संगठन के जिला महामंत्री माधूसिंह मुनिया ने यह भी मांग की है कि जांच निष्पक्ष हो और किसी भी दोषी को बख्शा न जाए।