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अजाक्स प्रांताध्यक्ष संतोष वर्मा के बयान पर बवाल मुख्यमंत्री को ज्ञापन – सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप, रिव्यू रोकने की मांग

झाबुआ। राजधानी भोपाल में आयोजित मध्यप्रदेश अजाक्स के प्रांतीय अधिवेशन में प्रांताध्यक्ष एवं आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा के संबोधन को लेकर विवाद गहरा गया है। उन्हें हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई हांकने की मांग को लेकर SC/ST समाज, सामाजिक संगठनों और बुद्धिजीवी वर्ग ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि 23 नवंबर को दिए गए उनके 27 मिनट के संबोधन में कुछ ऐसी बातें कही गईं जो सामाजिक सौहार्द, जातीय एकता और संविधान की मूल भावना के विपरीत नहीं हैं। संगठनों ने कहा कि बेटी–बेटी (इंटरकास्ट विवाह) पर दिया गया उदाहरण सामाजिक तनाव और वर्ग संघर्ष को भड़काता है यह कहकर लोग जबरन आपत्ति ले रहे है।

सामाजिक विद्वेष फैलाने का आरोप

ज्ञापनकर्ताओं ने कहा कि संतोष वर्मा (IAS) ने अपने भाषण में आर्थिक आधार एवं सामाजिक आधार को अंतर बताते हुए कहा कि आईएएस बनने के बाद भी सामाजिक पिछड़ापन बना रहता है। इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर उनके वीडियो के कुछ अंश गलत तरीके से वायरल किए गए, जिसकी वजह से समाज में तनाव बढ़ा। संस्थाओं ने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर उनके वक्तव्य को तोड़ – मरोड़ कर, 7 कटे हुए वीडियो बनाकर फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे दलित, आदिवासी और ओबीसी समाज में भ्रम फैल रहा है।

Equality Fraternity Social Justice पर हमला – ज्ञापन

संगठनों ने कहा कि संतोष वर्मा का भाषण संविधान निर्माताओं की विचारधारा समानता, बंधुता और न्याय के विपरीत है और इससे SC/ST वर्ग की भावनाएं आहत हुई हैं।

ज्ञापन में सरकार से निम्न मांग की गई है।

संतोष वर्मा (IAS) के रिव्यू प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए, सामाजिक वैमनस्य फैलाने वालों पर SC/ST एक्ट 1989 के तहत कार्रवाई की जाए, सरकार एक स्वतंत्र समिति गठित कर पूरे प्रकरण की जांच करे, अनुलोम–विलोम विवाह योजना को मजबूत रूप में लागू किया जाए, आदिवासी एवं वंचित वर्ग के अधिकारियों को बिना कारण प्रताड़ित न किया जाए

बाबा साहेब के उद्धरण भी किए शामिल

ज्ञापन में डॉ. बी.आर. अंबेडकर के तीन प्रमुख उद्धरणों का उल्लेख किया गया, जिनमें जातिवाद खत्म करने हेतु इंटरकास्ट मैरिज को समाधान बताया गया है। ज्ञापनकर्त्ताओं का कहना है कि इन विचारों के विपरीत बयान समाज में गहरी खाई पैदा कर सकते हैं।

यदि न्यायपूर्ण समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन होगा

संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की, तो SC/ST समाज लोकतांत्रिक तरीक़े से आंदोलन करने पर बाध्य होगा। ज्ञापन की प्रतिलिपि राज्यपाल, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को भी भेजी गई है।निदेशक को भी भेजी गई है।

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