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जैसे उच्च नेताओं के संस्कार वैसे इन्दर सिंह परमार के बोल – इंजी नवीन कुमार अग्रवाल । क्या मोदीजी के नक़्शे कदम पर भाजपा के अन्य नेतागण ? 

दिलीप सिंह भूरिया अलीराजपुर ब्यूरो चीफ 

नीमच। मध्यप्रदेश के भाजपा से झुड़े अनेक नेता मंत्री निरंतर अमर्यादित और बेशर्म बयान देने में बाज नहीं आ रहे है ,कभी हाइवे पर अमर्यादित कृत्य करते हुए तो कभी होटलो में रंगरेलिया मनाते हुए भाजपा से झुड़े अनेक नेताओ के विडिओ फोटो वायरल हो रहे है तो दूसरी और इन्ही भाजपा के नेताओ के सरकारी कर्मचारियों अधिकारियो को धमकाते हुए ऑडियो क्लिप वायरल हो रहे है। निरंतर अनेक अमर्यादित कृत्य होने पर भी भाजपा पार्टी हाईकमान द्वारा कोई भी कार्यवाही न होने पर अन्य नेता भी उसी राह पर चल पड़े है और प्रदेश में एक के बाद एक मंत्री अमर्यादित बयान देने में शर्म भी महसूस नहीं कर रहे है जबकि भाजपा अपने आप को संस्कारित पार्टी होने का दावा करती है दूसरी और स्वयं मोदीजी विपक्षी नेताओ पर मंचो से कई बार अमर्यादित भाषा का उपयोग कर चुके है जिससे लगता है की पार्टी के अन्य नेता भी उन्ही के नक़्शे कदम पर चलते हुए अपने बयानों से प्रदेश को शर्मसार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे है। ऐसा ही एक वाकया है जब प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार ने अपने बयान में महान समाज सुधारक राम मोहन राय को अंग्रेजो का दलाल बता दिया जबकि परमार स्वयं उच्च शिक्षा मंत्री है जिनके कंधो पर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी है और इस प्रकार का बयान देना अशोभनीय होने के साथ ही उस पवित्र आत्मा के चरित्र को कलंकित करना है।

       आम आदमी पार्टी के इंजी नवीन कुमार अग्रवाल ने कहा की जिस प्रकर से मोदीजी स्वयं मंचो से कई बार विपक्षियों पर निशाना साधते हुए अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करते है उन्ही के नक़्शे कदम पर चलते हुए भाजपा से जुड़े नेतागण जिसमे इन्दर सिंह परमार के साथ ही कर्नल सोफिया कुरैशी पर केबिनेट मंत्री विजय शाह का बयान , भाई बहन को लेकर कैलास विजयवर्गीय का बयान , मंडला सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने आतंकवादियों को हमारे जैसे अमर्यादित बयान दिए थे जिसक पुरे देश में विरोध हुआ था लेकिन आज दिनाक तक इन सभी असंस्कारित मंत्रियो नेताओ के ऊपर कोई भी कार्यवाही भाजपा संघठन द्वारा और मोदीजी द्वारा नहीं की गई जिससे स्वतः प्रमाणित होता है की भाजपा किस प्रकार से अपने असंस्कारित नेताओ को प्रश्रय देने का कार्य कर रही है और अपने मूल सिद्धांत संस्कारित पार्टी होने का दावा स्वतः ही खरिज कर रही है।

               अग्रवाल ने कहा की एक और घटना से भाजपा के असंस्कारित होने का दावा पुख्ता होता है जब सुशासन का राग अलापने वाली भाजपा असंस्कारित नेताओ को बर्खास्त न करते हुए बिहार में उनके ही मंत्री जब करोड़ो रूप[ये के भरस्टाचार की पोल खोलता है तो भरस्टचार की पोल खोलने वाले मंत्री को ही छः साल के लिए पार्टी से निष्काषित कर देती है जिससे भाजपा के असंस्कारित होएं का दावा पुष्ट हो जाता है । प्रश्न उठता है की जब भाजपा भरस्टाचार के खिलफ आवाज उठाने वाले एक मंत्री को पार्टी से निष्काषित कर सकती है है तो प्रदेश को अपने बयानों से शर्म सार करने वाले मंत्रियो नेताओ को क्यों नहीं ?

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