सुनील तोमर अलीराजपुर संवाददाता
आदिवासी विकास परिषद आगामी 30 अक्टूबर को छकतला में बड़ा आंदोलन करने जा रही है। परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि क्षेत्र के किसानों, बहनों और ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर यह आंदोलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार क्षेत्र की उपेक्षा कर रही है और जनता के हितों के मुद्दों को अनदेखा कर रही है।
महेश पटेल ने कहा कि— “किसानों को उनकी फसलों का उचित दाम नहीं मिल रहा है, मंडी लंबे समय से बंद है, बिजली और पानी की समस्या बनी हुई है, वहीं ‘लाड़ली बहना’ योजना में पंजीयन व राशि भुगतान में भारी देरी हो रही है। शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति भी बेहद चिंताजनक है।”

उन्होंने बताया कि आंदोलन के दौरान 20 प्रमुख माँगें सरकार के समक्ष रखी जाएँगी, जिनमें प्रमुख रूप से — मंडी को चालू करना, किसानों को उचित मूल्य देना, बिजली संकट का समाधान, खाद-बीज की उपलब्धता, फसलों के नुकसान का मुआवज़ा, बंगाली डॉक्टरों पर कार्रवाई, लोक सेवा केंद्र की समस्याओं का समाधान, लाड़ली बहना योजना की राशि बढ़ाना, छकतला को तहसील का दर्जा देना, नर्मदा लाइन से पेयजल उपलब्ध कराना, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं में सुधार जैसी माँगें शामिल हैं। महेश पटेल ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन माँगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। “यह लड़ाई किसानों, मजदूरों, बहनों और बच्चों के अधिकारों की लड़ाई है — अब कोई इस आवाज़ को नहीं दबा सकता।”