जोबट/ निलेश डावर
शिक्षा के अधिकार और करोड़ों के बजट के बावजूद हकीकत आदिवासी अंचलों में कुछ और ही दिखाई देती है। जोबट ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय खाड़ा फलिया सिंधी की स्थिति इतनी बदहाल है कि आज भी बच्चों को तिरपाल के नीचे बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है।

विद्यालय का भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है। दीवारें फट रही हैं और छत गिरने की स्थिति में है। मजबूरी में शिक्षक व बच्चे खुले मैदान में, तिरपाल तानकर पढ़ाई करने को विवश हैं। बारिश हो या तेज धूप, छोटे-छोटे बच्चे जमीन पर बैठकर ही अपनी पढ़ाई पूरी करते हैं। यह दृश्य सरकार की योजनाओं और दावों पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
शिक्षा विभाग के लिए यह शर्मनाक स्थिति है कि आजादी के 75 साल बाद भी आदिवासी अंचलों के बच्चे सुरक्षित स्कूल भवन से वंचित हैं। प्राथमिक विद्यालय खाड़ा फलिया सिंधी की यह तस्वीर बताती है कि कागजों पर विकास और जमीन पर हकीकत में कितना फर्क है।
