जोबट/ 21 अगस्त 2025।
विकासखंड जोबट अंतर्गत शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बैठक सह प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत मिट्टी के गणेश – सिद्ध गणेश विषय पर विशेष प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आगामी गणेशोत्सव में पर्यावरण अनुकूल मिट्टी के गणेश स्थापित करने के महत्व को समझाना था।इस अवसर पर नवांकुर संस्थाओं के सेक्टर प्रभारी, ग्राम विकास एवं प्रस्फुटन समिति के अध्यक्ष–सचिव, नवांकुर सखी महिलाएँ, परामर्शदाता, CMCLDP छात्र-छात्राएँ, महाविद्यालय के प्राध्यापक व प्राचार्य सहित बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने सहभागिता की।

मुख्य अतिथि वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता एवं गौशाला अध्यक्ष श्री राजेंद्र टवली ने कहा कि मिट्टी से बने गणेश पर्यावरण–अनुकूल होते हैं और समाज के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। प्लास्टर ऑफ पेरिस एवं रासायनिक रंगों से बनी मूर्तियाँ नदियों और जलस्रोतों को हानि पहुँचाती हैं, जबकि मिट्टी की प्रतिमाएँ जल में शीघ्र घुलकर पर्यावरण को सुरक्षित रखती हैं। उन्होंने युवाओं से स्वच्छता व पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होने और समाज को भी जागरूक करने का आह्वान किया।

जिला समन्वयक श्री दीपक जगताप ने सभी प्रतिभागियों से व्यक्तिगत स्तर पर मिट्टी गणेश बनाने एवं अपने घरों में विराजित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस पहल से ग्रामीण परिवेश में भी पर्यावरण–सुरक्षा का संदेश प्रभावी ढंग से पहुँचेगा। कार्यक्रम में ब्लॉक समन्वयक श्री रामसिंह निगवाल, महाविद्यालय प्राचार्य श्री गेंदालाल चौहान, प्राध्यापकगण, नवांकुर संस्था के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। इस अवसर पर प्रो. विशाल यादव एवं नवांकुर संस्था सेक्टर प्रभारी माया बामनिया ने प्रतिभागियों को मिट्टी गणेश – सिद्ध गणेश बनाने का प्रशिक्षण दिया।छात्रों ने प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न प्रश्न पूछे जिनका विशेषज्ञों ने समाधान प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम के अंत में सभी ने संकल्प लिया कि इस वर्ष घरों एवं पंडालों में केवल मिट्टी के गणेश ही स्थापित किए जाएंगे। साथ ही उपस्थित जनों को स्वच्छता व पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। अंत में आभार श्री रामसिंह निगवाल, विकासखंड समन्वयक द्वारा व्यक्त किया गया।