सुनिल डामर
जहां स्कूल को शिक्षा का पवित्र मंदिर माना जाता है और माता-पिता भी अपने बच्चों को शिक्षा के इस मंदिर में भेजकर ग्रहण करने व अपने बच्चो को पढ़ाकर बड़े अफसर बनाने के सपने देखते हैं,लेकिन जब शिक्षा के मंदिर में भी बच्चे अपने आप को असुरक्षित महसूस करने लगे तो उस शिक्षा के मंदिर में शिक्षा ग्रहण करने की उम्मीद नहीं की जा सकती है। वही शासन-प्रशासन भी अपने प्रशासनिक वृहत स्तर पर अनेक ऐसे बड़े आयोजन स्कूलों में कर बच्चों को सुरक्षित रहने व उनके साथ गलत करने पर विरोध करने व ‘गुड़-टच,बेड-टच’ जैसे अनेक कार्यक्रम आयोजित करते हैं।लेकिन शिक्षा विभाग में बैठे ऐसे नूमाएंदे इस शिक्षा के मंदिर को भी शर्मसार करने से बाज़ नहीं आते हैं। ऐसा ही मामला झाबुआ जिले के थांदला विकास खण्ड के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खवासा संकूल के अंतर्गत माही तट पर स्थित शासकीय हाई स्कूल भैरूगढ़ का है।जहां पर पदस्थ माध्यमिक शिक्षक विकास डामोर ने शिक्षा के मन्दिर में अपनी ही छात्राओं को बेड टच (छेडछाड कर)कर लगातार परेशान प्रताड़ित किया गया।शिक्षक की इन हरकतों से कई छात्राओं ने अपने माता पिता को न बताते हुए स्कूल से टीसी निकालकर अन्य स्कूल में प्रवेश ले लिया।वही इस वर्ष नव प्रवेशित छात्राओं के साथ भी शिक्षक ने इस प्रकार से छेड़छाड़ की हरकतें की जिससे छात्राओं ने अपने पालकों को शिक्षक कि हरकतों के बारे में बताया।

आज जब हमारे वॉइस ऑफ झाबुआ के संवाददाता इस वास्तविकता को जानने लगभग 3.30 बजे स्कूल पहुंचे जहां पर ऑफिस में एक शिक्षिका एवं एक अतिथि शिक्षक उपस्थित थे हमने संस्था प्रभारी के बारे में पुछा तो बाहर होना बताया, तत्पश्चात हमने शिक्षिका से उक्त घटना के संबंध में क्लास में जाकर चर्चा करना चाही तो शिक्षिका ने कहा सर ने मना बोल रखा आप चर्चा नहीं कर सकते, फिर कैमरा आन किया तो शिक्षिका ने कैमरा बंद करने की बात कही… लेकिन हम क्लास में पहुंचे जहां संस्कृत का पीरियड चल रहा था शिक्षक संस्कृत पढा रहे थे… क्लास में बच्चों से पढ़ाई संबंधी चर्चा करने के पश्चात हमने उक्त घटना के बारे में बच्चों से चर्चा की बच्चे डरे सहमें थे फिर भी बच्चों ने एक स्वर में कहा सर गलत हरकतें करते हैं ऐसे सर की हमें जरूरत नहीं है। जब शिक्षक की इस शर्मनाक हरकत की जानकारी जनप्रतिनिधियों को लगी तो उन्होंने तत्काल संकूल प्राचार्य खवासा को अवगत करवाया।जिसके बाद संकुल प्राचार्य स्कूल पहुंचे जहां उन्होंने छात्राओं से पूछताछ कर पंचायत जनप्रतिनिधियों के सामने पंचनामा बनाया और जिला शिक्षा अधिकारी से शिक्षक के खिलाफ कार्यवाही करने की अनुशंसा की। आपको बता दें कि जो शिक्षक विकास डामोर छात्राओं से अभद्रता,छेड़छाड़ अमर्यादित जैसी शर्मनाक हरकतें कर रहा है उसी को जीवन कौशल प्रशिक्षण,उमंग,शैक्षणिक संवाद जैसे प्रशिक्षण का मास्टर ट्रेनर नियुक्त कर रखा है जो थांदला विकास खण्ड के स्कूल शिक्षकों को ट्रैनिंग देता है।जिस प्रशिक्षण में बेड टच,गुड टच जैसे बातें प्रमुख रुप से बताई जाती है शिक्षक विकास मास्टर ट्रेनर होते हुए भी इसके विपरित हरकतें कर रहा है जो विकास को मास्टर ट्रेनर कि नियुक्ति भी कही न कहीं संदेह के दायरे में है। अब देखना यह होगा की आरोपी शिक्षक पर कार्यवाही होती हैं या उच्चाधिकारियों द्वारा लक्ष्मी यंत्रों के आगे नतमस्तक होकर अन्यत्र अटेच कर दिया जाएगा….?
इस संबंध में हमने जब संकूल प्राचार्य से बात की तो उनका कहना है-हमने कार्यवाही के लिए आगे भेज दिया है – मानसिंग राजपत इस संबंध में जब हमने शिक्षक विकास डामोर का पक्ष भी जानना चाहा लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।