दिलीप सिंह भूरिया अलीराजपुर ब्यूरो चीफ
चंद्रशेखर आजाद नगर भाभरा बीते दिनों दो आदिवासी समाज के युवाओं की मौत के बाद ,अचानक वर्षों बाद जागा जिला प्रशासन एक बार फिर सोता दिखाई दे रहा है आदिवासी समाज के युवाओं की मौत क्या बेकार जाएगी उनको और आदिवासी समाज को न्याय नहीं मिलेगा जिले में ऐसा कब तक चलेगा ।क्योंकि अभी तक की सभी कार्यवाही और आज तक जो भी हुआ वो सिर्फ अनपढ़ आदिवासी समाज और कुछ आदिवासी सामाजिक कार्यकर्ताओं को धोखा देने के लिए था क्योंकि अब जिले जिला का फर्जी डॉक्टरों के क्लीनिकों के खिलाफ दिया गया 60 दिनों के प्रतिबंध का आदेश गलियों और चौराहों में हसी का पात्र बन गया है ।क्योंकि उनके ही अधीनस्थ समस्त कार्यवाही करने वाले अधिकारी और कर्मचारी किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं करना चाहते और जिला कलेक्टर के आदेश को कागजी आदेश बनाकर रद्दी की टोकरी में डाल चुके है ।। लगातार जिले के हर गली मोहल्ले में फिर से फरार हुवे फर्जी डॉक्टर आने अपने क्लीनिक खोल चुके है और सूत्रों के हवाले से खबर है सिल किए हुवे कई क्लीनिक सिल खोलकर चालू कर दिए है जहां से फिर से फर्जी डॉक्टरों द्वारा फर्जी दवाइयों से फर्जी तरीके से इलाज चालू कर दिया। जिले भर के आदिवासी समाज में जिला कलेक्टर के आदेश के बाद एक खुशी थी कि जिले में जिला कलेक्टर गरीबों की भी परवाह करते है और आदिवासी समाज के लिए एक अच्छा निर्णय भी लेते है लेकिन बस एक दो सप्ताह में ही उनका आदेश हव्वा हवाई हो गया

जो आदिवासी समाज के लोगो में संदेह पैदा कर रहा है जो प्रशासन एकाएक कार्यवाही कर जिले भर में फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ युद्ध स्तर पर कार्यवाही के लिए उतारू थे और वो कार्यवाही भारत पाकिस्तान और इजराइल और ईरान के युद्ध की भांति सीज फायर पर कैसे आ गई और कार्यवाही बिल्कुल बंद चाहे उनकी आंखों के सामने प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा की गई फर्जी क्लीनिक की सिल की गई क्लीनिक की सिल खोलकर फिर से क्लीनिक चालू कर दी फिर भी कोई प्रभाव अधिकारियों और कर्मचारियों पर नहीं पड़ता ।। सूत्रों से खबर है कि जिले भर के फर्जी डॉक्टरों ने एक बड़ी रकम जिले में एकत्रित की है जिससे उन लोगों को वह राशि दी जाएगी जो उनका विरोध करेगा या रोकेगा । ताकि सभी चुप रहे और उनका गोरख धंधा चलता रहे ।।