दिलीप सिंह भूरिया अलीराजपुर ब्यूरो चीफ
चंदशेखर आजाद नगर भाभरा में आज स्थानीय प्रशासन ने फर्जी डॉक्टरों के क्लीनिकों पर छापा मारा जिसमें साईं मंदिर के नीचे और एक सीबीआई बैंक के पास अपना क्लीनिक चलाते थे जिनपर आज कार्यवाही हुई ।जो डॉक्टर भैंसों का दूध निकालते निकालते डॉक्टर बना था वो प्रशासन के समीप के क्लीनिक पर छापा पड़ते ही अपना क्लीनिक बाहर से मरीजों से बंद करवाकर

अपने क्लीनिक के अंदर से लगी हुई सीढ़ी के सहारे निकलकर भाग गया यह डॉक्टर नगर में बीते कई वर्षों तक एक बड़े नेता के यहां भैंसों का दूध निकालकर पूरे गांव में बेचता था कब इसने डॉक्टर की डिग्री ली और कब डॉक्टर बन गया किसी को भी पता नहीं चला । प्रशासन ने इसके आधा घंटा इंतजार किया और आवाज देते रहे कि दरवाजा खोल दे अंदर मरीज है कई लोगों का अंदर इलाज चालू था यहां से सैकड़ों की तादाद में दवाइयां मिली
जिनसे यह इलाज करता था जो इलाज एक एम बी बी एस डॉक्टर हो तो ही उन दवाइयों का प्रयोग कर सकते है वो उन दवाइयों से इलाज करता था कुछ मरीजों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि यह डॉक्टर हमे जहां दर्द होता है वहां इंजेक्शन लगाता था सिर में दर्द हो तो सिर पर इंजेक्शन और घुटनों में दर्द तो घुटनों में इंजेक्शन लगाता था और हैवी डोज लगाने की वजह से तत्काल दर्द बंद हो जाने के कारण जिले भर से लोग इससे इलाज करवाने आते थे दिन भर सैकड़ों मरीज इससे इलाज करवाते थे
नगर के बीएमओ डॉक्टर राहुल जायसवाल के निजी मकान के सामने 100 मीटर दूर ही तीनों अवैध क्लीनिक रोजाना संचालित होते रहते है इन जैसे जवाबदार अधिकारियों की अनदेखी नगर में होने से गरीब आदिवासी मरीज इन फर्जी क्लीनिकों पर इलाज करवाने चले जाते है यह बीएमओ की जवाबदारी बच्चे से नहीं निभा पा रहे है जिससे नगर में कुकुरमुत्तों की तरह अवैध क्लीनिक खुलते जा रहे है और आम गरीब अनपढ़ आदिवासियों का फर्जी डिग्रीधारी लोग इलाज करके उनकी जान से खिलवाड़ कर रहे है और कई लोगों की इलाज के दौरान जान भी ले लेते है

मीडिया के सवाल करने पर डॉक्टर राहुल जायसवाल ने कहा कि में कुछ नहीं बोल पाऊंगा और जवाब देने से बचते बचते रहे । इस कार्यवाही में अनुविभागीय अधिकारी प्रियांशी भंवर तहसीलदार जितेंद्र तोमर ,थाना प्रभारी शिवराम तरोंले बीएमओ राहुल जायसवाल और चंद्रशेखर आजाद नगर भाभरा पटवारी अजमेर सिंह बुंदेडिया और अन्य पटवारी मौजूद थे ।