झाबुआ नगर के सिद्धेश्वर कॉलोनी मैं भगवान सिद्धेश्वर महादेव का हो रहा विशेष संगर दोपहर 12:00 बजे भगवान भूत भवन भगवान सिद्धेश्वर महादेव और मां पार्वती की सगाई की रस्म हुई तत्पश्चात संध्या 6:00 बजे भगवान भोलेनाथ और मां पार्वती मेहंदी की रस्म हुई सभी भक्तों ने बाबा सिद्धेश्वर महादेव और पार्वती को मेहंदी लगाई रात्रि में 9:00 बजे शाम कीर्तन का आयोजन किया गया जिसमें श्याम कीर्तन में बाबा श्याम का भविष्य दरबार लगाया और कलाकारों द्वारा सुमधुर भजनों की प्रस्तुति हुई

शिव लोक में शिव और पार्वती प्रथम युगल माने गए हैं। धूनी रमाने वाले औघड़ जोगी शिव से पार्वती जी के विवाह का विचार ही अदभुत है। पार्वती आदिशक्ति हैं, उनके प्रेम और समर्पण ने उन शिव को गृहस्थी के संसार में बांध लिया है, जो मृत्युंजय हैं, भैरव हैं, महायोगी हैं। शिव-पार्वती का विवाह सबको आनंद देने का अवसर है। श्रद्धालुओं ने पूरे भक्ति भाव से भगवान शिव और माता पार्वती की आरती उतारी। इस अवसर पर भक्तों ने शक्ति स्वरुप के दर्शन किए और बच्चों ने भी भगवान शिव के स्वरुप का आनंद लिया। पूरे आयोजन में भक्तों की भीड़ रही

भगवान शिव और माता पार्वती की मेहंदी की रस्म धूमधाम से संपन्न हुई। शिवलिंग पर मेहंदी लगाकर की गई। जिसके बाद भगवान शिव और माता पार्वती की वेशभूषा धारण किए युवक युवती के हाथों में मेहंदी रचाई गई। इसके पश्चात महिलाओं ने अपने हाथों में उल्लास पूर्वक मेहंदी लगाई। इस अवसर पर भजन कीर्तन किए। कार्यक्रम महिला पुरुष ड्रेस कोड में नजर आए