परिवेश पटेल
आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में आता है और यहां अन्य जिलों के मुकाबले विकास कायों के लिए ज्यादा राशि सरकार द्वारा जारी की जाती है। जमीन स्तर पर कार्य हो इसलिए ग्राम पंचायतों के माध्यम से प्रति वर्ष करोड़ों रुपए खर्च किये जाते हैं। पर अजब-गजब एमपी में भ्रष्टाचार इस चरम तक पहुँच गया जहा से विकास की उम्मीद तो शून्य हो चली है।
जिले के पेटलावद विकास खण्ड की जहा ग्राम पंचायतों में रोज एक नए मामले सामने आ रहे हैं और बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार किये जा रहे हैं। और आम जनता कह रही है, हे राम ये क्या हो रहा है…? ताजा मामले में विकास खण्ड की ग्राम पंचायत मोहनकोट पंचायत में भी ऐसा मामला सामने आया है जिसमे ग्राम पंचायत के सरपंच सचिव और रोजगार सहायक पर मनरेगा में मरे हुए व्यक्ति के नाम से मस्टर जारी करवा नाम से मजदूरी का भुगतान उनके बैंक खातों में कर दिया।

ग्राम पंचायत मोहनकोट निवासी दिलीप कतीजा जिसका निधन 18 जून 2023 को हो चुका है। ऑन लाइन रिकॉर्ड अनुसार ग्राम पंचायत ने जाबकार्ड संख्या 144 सी पर मस्टर क्रमांक 27481, 35572, 38782, 40649, 41724, 42699,43689, 44319 और 14136 दिनांक 11 नवम्बर 2023 से 26 जून 2024 तक में कार्य करने के जारी हुए और मृतक के खाते में मजदूरी का भुगतान हुआ। इसी प्रकार मृतक बढ़ा नानिया की मौत के बाद जॉब कार्ड गड़िया सरपंच, समीग के साथ खुदकी हुँ।
नम्बर 389 पर मस्टर क्रमांक 45103 दिनांक 19 मार्च 24 से 25 जून 24 तक कार्य करने का मस्टरजारी हुआ है। मृतक सुगना पुंजा जॉब कार्ड क्रमांक 442 पर मस्टर क्रमांक 37557, 38787, 40653,41728, 43691 और 44322 दिनांक 20 जनवरी 2024 से लेकर 12 मार्च 2024 तक मस्टर जारी किए गए और इनके खातों में मजदूरी का भुगतान किया गया। ऐसा नहीं है कि, ग्राम पंचायत को मृतकों की जानकारी की नहीं है। इनमें से एक दिलीप कतीजा कि, मृत्यु सर्पदंश से हुई थी और आर्थिक सहयोग का प्रकरण तहसील न्यायालय में चल रहा है।