दिलीप सिंह भूरिया अलीराजपुर ब्यूरो चीफ
चंद्रशेखर आजाद नगर भाभरा के अनुविभागीय अधिकारी महोदय यादव साहब के सालों बाद शासकीय चिकित्सालय का निरीक्षण क्या किया कई सोशल मीडिया में उनके फोटो और उनके हॉस्पिटल की व्यवस्था को लेकर जिले भर में चर्चा जोरो पर है लेकिन कहते है ना दिया तले अंधेरा होता है उनका भी यही हाल है ।उन्होंने शासकीय हॉस्पिटल का तो निरीक्षण किया लेकिन उनकी छत्रछाया में कई नगर में अवेध हॉस्पिटल चल रहे है जिन लाइसेंस तक नहीं है ओर ना ही उनके फर्जी डॉक्टरों के पास कोई सर्टिफिकेट या डिग्रियां है बस आम लोगों को अवैध रूप से इलाज कर उनको शोषित करने वाले डॉक्टरों को संरक्षण देकर अपने क्षेत्र में खुल्ले आम हॉस्पिटल संचालित करने की खुली छूट दे रखी है और एक बाद वो मुख्यालय की जगह अलीराजपुर रात्रि विश्राम करते है अपने कार्यालय टाइम पर मुख्यालय पहुंचते है और वापस चले जाते है ।जब वह कार्यालय आते है वही रास्ते पर कई अवैध हॉस्पिटल ओर क्लीनिक संचालित होते है लेकिन उनकी निगाह देखते हुवे भी कुछ नहीं करती क्योंकि लक्ष्मी जी की शक्ति या राजनेताओं का दबाव उनको कार्यवाही के लिए रोक देता है मुख्यमंत्री ओर जिला कलेक्टर के निर्देश के बाद भी आजाद नगर भाभरा के अधिकारियों के कदम इन फर्जी क्लिनिक की ओर कभी गए है देखते हुवे भी महाभारत के अंधे राजा धृष्टराज की तरह दुर्योधन के जैसे अपराधों को अनदेखा कर दिया जाता था वैसे ही आजाद नगर भाभरा के सभी अधिकारियों के हाल है ।।जिला कलेक्टर महोदय को ही अब खुद आकर नगर में संचालित फर्जी हॉस्पिटल ओर क्लीनिक पर कार्यवाही करने के लिए आना पड़ेगा क्या ।