वनमण्डल के इस संघ के बैनर तले जुड़कर समस्त कर्मचारी सदस्यता ग्रहण करते हुए नवीन कार्यकारिणी का गठन किया गया। नवीन कार्यकारिणी में जिला अध्यक्ष श्री कमलेश बामनिया उपाध्यक्ष श्री दीवान कटारा सचिव श्री भरत सिंह बघेल महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष श्रीमती रेणुका कटारा जिला प्रवक्ता श्री सुनील डुडवे मीडिया प्रभारी श्री विपुल चौहान कोषाध्यक्ष श्री सचिन मंडलोई संघ संरक्षक श्री लोकेंद्र सिंह कुशवाह जी मार्गदर्शक श्री अमरसिंह अवास्या जी को सर्व सहमति से चुना गया।

वैसे तो वनमण्डल के कर्मचारी पूर्व में भी कर्मचारी समस्याओं को लेकर *मध्य प्रदेश वन कर्मचारी संघ* के बैनर चले 2018 की हड़ताल से लेकर विभिन्न मोर्चो पर एकजुट होकर लड़ते आए हैं लेकिन 2018 हड़ताल के बाद से ही वन कर्मचारी संघ के प्रांतीय स्तर पर निर्मल तिवारी की वन कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर लगातार निष्क्रियता एवम वित्त विभाग के वेतन निर्धारण वसूली आदेश के बाद भी चुप्पी साधे रहने से समस्त कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त था ।

जिससे समस्त कर्मचारियों ने दिनांक 03.10.2024 की बैठक के दौरान वन कर्मचारी संघ की जिला स्तरीय कार्यकारिणी को भंग किया जाकर सदस्यता से इस्तीफा देते हुए मध्य प्रदेश वन एवम् वन्य प्राणी संरक्षण कर्मचारी संघ के बैनर तले जुड़कर मार्गदर्शन में कर्मचारियों की समस्याओं के लिए एकजुट होकर लड़ने का निर्णय लिया गया।

वन कर्मचारियों ने वित्त विभाग द्वारा प्रस्तावित वसूली एवम नियुक्ति दिनाक से प्रशिक्षण उपरांत वेतन विसंगति को लेकर जिसमे 01.01.2006 से 08.09.2014 तक नियुक्त वनरक्षकों के प्रशिक्षण उपरांत दिए गए 1900 ग्रेड एवम 5680 वेतन बैंड को गलत ठहराए जाकर सिर्फ ग्रेड 1900 में परिवर्तन दर्शाया जाकर वसूली के संबंध में संघ की लड़ाई में एकजुट होकर वित्त विभाग के उक्त आदेश पर रोक लगाए जाने एवम वनकर्मियो की मूल वेतन 1900-5680 वेतन समस्या का निराकरण तथा वसूली पर शासन, प्रशासन एवं वन मंत्री द्वारा रोक नहीं लगाई जाती है तो समस्त वन कर्मचारी संघ के साथ न्यायालय की शरण में जाने के लिए बाध्य रहेंगे।