राणापुर योगेश चौहान ।
श्री योग वेदांत सेवा समिति द्वारा संत श्री आशारामजी बापू आश्रम रानापुर में आज सैकड़ों भक्त गण उपस्थित हुए व पितृ देवताओं की प्रशंसा के लिए सामूहिक श्राद्ध एवं तर्पण का कार्यक्रम आज किया गया । विद्वान पंडित श्री चेतन प्रसाद गर्ग द्वारा बहुत ही विधि विधान से तर्पण का महत्व समझाते हुए अयोजन संपन्न कराया ।कार्यक्रम सुबह 8 बजे से प्रारंभ हुआ व 12 बजे आरती के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया । उसके पश्चात सभी भक्त जनों ने भोजन प्रसादी ग्रहण की ।

पंडित चेतन प्रसाद गर्ग ने बताया
पंडित जी ने बताया कि हम जो यहां श्राद्ध करते है इस शास्त्र विधि द्वारा हमारे पितृ देवताओं तक पहुंचता है जिससे हमारे पितृ तृप्त होकर प्रसन्न होते है। तर्पण में देव तर्पण, ऋषि तर्पण एवं पितृ तर्पण तीन प्रकार के तर्पण किए जाते है ।
यही हमारे सनातन धर्म की विशेषता है । जीवन काल माता पिता की सेवा सेवा की ही जाति है किंतु मृत्यु के उपरांत भी उनकी शांति एवं मुक्ति के लिए शास्त्रों में प्रावधान होता है ।

आश्रम संचालक संध्या बहन ने बताया
आश्रम की संचालक संध्या बहन ने जानकारी देते हुए बताया की पूज्य बापूजी के बताए अनुसार श्री योग वेदांत सेवा समिति, युवा सेवा संघ एवं महिला उत्थान मंडल के सहयोग से यह सुंदर आयोजन आश्रम पर किया गया जिसमे रानापुर के आसपास के क्षेत्रों से 250 से 300 भक्तगणों ने आयोजन का लाभ लिया ।
मदन सिंह वसुनया ने बताया
समिति के वरिष्ट साधक श्री मदन सिंह वसुनिया द्वारा बताया कि 4 अक्टूबर अश्विन शुक्ल पक्ष दूज के दिन बापूजी का आत्मसाक्षात्कार दिवस है जो की रानापुर आश्रम पर बड़ी धूम धाम से मनाया जाएगा। जन्म दिन तो कई महापुरुषों का मनाया जाता है किंतु ऐसे कुछ संत विरले ही होते है जिनका आत्मसाक्षात्कार दिवस मनाया जाता है। ऐसे ही संत श्री आशारामजी बापू है। जिनका आत्मसाक्षात्कार विश्व भर में मनाया जाता है।