मनीष अरोडा
आलीराजपुर ÷ मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार प्रदेश मे संचालित होस्टल आश्रम ओर छात्रावासो मे बालक ओर बालिकाओ के रहने खाने ओर पढाई लिखाई के लिए लाखो करोडो का बजट स्वीकृत करती है ओर जिलो मे वो बजट सभी होस्टल आश्रम ओर छात्रावासो को मिलता है लेकिन क ई सालो से एक ही जगह होस्टल आश्रम ओर छात्रावास मे जमे हूए अधीक्षक इस बजट का बंटाधार कर रहे है लेकिन जिम्मेदार का इस ओर ध्यान तक नही है ऐसा ही एक मामला आदिवासी बाहुल्य जिले आलीराजपुर से सामने आया है जहा पर अधीक्षक ओर एपीसी ने मिलकर लाखो रूपये का खेल बडी सातिर तरीके से कर दिया ओर विभाग को इसकी भनक तक नही लगी पूरा खेल कमीशन पर चल रहा है ये हम नही कह रहे ये कहना हे होस्टल अधीक्षक ओर वहा पर तेनात एपीसी का जो कहते है की हम अगर ऐसा नही करेंगे तो अधिकारीयो को महिने का पैसा कहा से देंगे सरकार से हमे महिने का डेढ लाख रूपये आता है इसमे हमको बच्चो का पूरा मेन्टेनेन्स करना पडता है ओर इसमे से ही अधिकारीयो को भी देना पडता है जबकी ये देखा गया है की शासन से डीपीसी के अंडर मे जो छात्रावास संचालित हो रहे है उनका साल भर का बजट लाखो रूपये का है जिसमे मेडीकल स्टेशनरी बच्चो के खेलकूद ओर घूमाने फिराने के अलावा छात्रावास के मेन्टेनेन्स का पैसा भी अलग से आता है ओर खाने पीने का बजट भी अलग से आता है जो लाखो मे होता है मगर ये सारा बजट भ्रष्टाचार की भेट चढ रहा है अधीक्षक किसी दूसरे व्यक्ति के खातो मे हजारो रूपये डाल कर मजे कर रहे है लेकिन प्रशासन का इस ओर ध्यान तक नही है यहा आपको बता दे की इन होस्टल आश्रम ओर छात्रावासो मे आडिट भी होता है अगर आडिट होता है तो उनको क्या किसी आश्रम ओर छात्रावास मे कूछ गलत नही दिखता ये बडा सवाल है हम आगे उस छात्रावास के नाम का भी खूलासा करेगे ओर उस अधीक्षक के नाम का भी खूलासा करेंगे जो लाखो रूपये का कर चूका है भ्रष्टाचार होगा पूरा खूलासा वाइस आफ झाबुआ पर अगली किस्त मे