Homeधाररिंगनोदजैन श्वेतांबर धर्म स्वावलंबी का आठ दिवसीय पर्यूषण महापर्व आराधना आज से...

जैन श्वेतांबर धर्म स्वावलंबी का आठ दिवसीय पर्यूषण महापर्व आराधना आज से शुरू

रिंगनोद – (योगेश गवरी) नगर रिंगनोद मे जैन श्वेतांबर धर्मावलंबियों का 8 दिवसीय पर्यूषण महापर्व तप आराधना के साथ आज शनिवार से प्रारंभ होगा। जिसके चलते जैन चौक स्थित चंद्रा प्रभु मंदिर में महापर्व मनाने की भव्य रूप से तैयारी चल रही है, मंदिर परिसर ओर चौक को आकर्षक विद्युत सज्जा ओर रंग बिरंगी पन्नियों से सजाया गया। इस आठ दिवसीय पर्व के दौरान प्रतिदिन प्रतिमाओं की सुंदर अंग रचना की जावेगी, साथ ही श्रद्धालु वीर प्रभु की आराधना, तप, पूजा, प्रतिक्रमण, कल्पसूत्र का वाचन आदी कार्यक्रम आयोजित कर आत्मशुद्धि के मार्ग पर चलेंगे। पर्यूषण पर्व जैन धर्मावलंबियों का महापर्व होता है। यह एक ऐसा पर्व है जब जैन धर्म को मानने वाले सभी लोग अपने जीवन पर चिंतन करते हैं और उन लोगों से क्षमा मांगते हैं, जिनके साथ उन्होंने गलत किया है। यह पर्व जैन धर्म के श्वेतांबर और दिगंबर दोनों संप्रदायों द्वारा मनाया जाता है। यह पर्व आज से सात सितंबर तक श्वेतांबर जैन धर्मावलंबी पर्यूषण पर्व को मनाएंगे। पर्व के तहत 4 सितंबर को महावीर स्वामी का जन्म कल्याणक उत्सव मनाया जाएगा। पर्यूषण का शाब्दिक अर्थ चारों ओर से धर्म की आराधना करना होता है। इस पर्व को जैन धर्म में विशेष महत्व प्राप्त है। यह आत्मशुद्धि, आत्मनिरीक्षण और तपस्या का समय माना जाता है। महा पर्यूषण पर्व के दौरान श्रद्धालु मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना करेंगे और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेंगे। महिला मंडल एवम वधू मंडल द्वारा कई धार्मिक प्रतियोगिता भी रखी गई है। यह पर्व विशेष रूप से आत्मसंयम, सत्य, अहिंसा और क्षमा की भावना को जागृत करने का समय है। धार्मिक आस्था की भावना चरम पर है। वे वीर प्रभु की आराधना में लीन होकर आत्मिक शांति और मोक्ष की कामना कर रहे हैं। महा पर्यूषण पर्व के अवसर पर मंदिर में विशेष धार्मिक आयोजन होंगे। आठ दिन तक चलने वाले इस पर्व का समापन सात सितंबर को होगा। इसमें श्रद्धालु क्षमापना दिवस मनाएंगे और एक-दूसरे से अपने विचारों और कर्मों के लिए क्षमा मांगेंगे। यह जैन धर्म का एक प्रमुख सिद्धांत है। समाजजनो द्वारा पर्व के अंतिम दिन नगर में विशाल चल समारोह भी निकाला जाएगा।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments

error: Content is protected !!