ओमप्रकाश राठौर
प्रदेश में जब से मुखिया की कुर्सी पर विराज हुए मोहन यादव ने आते ही कई महत्वपूर्ण फैसले आमजन के लिए पारित किए है,उनमें से एक आदेश मुख्यमंत्री मोहन यादव ने झोलाछाप डॉक्टरो पर जल्दी से जल्दी करवाई की जाये.वही इस मामले में एक लिखित आदेश जारी कर प्रदेश के समस्त जिला कलेक्टर को कहा था,परंतु जिले में तो इस आदेश का कोई भी पालन अधीनस्थ अधिकारीयो द्वारा नही कराया जा रहा है,जिले में अभी तक छूट पुट जगह ही कार्यवाही देखने को मिली हे वो भी छोटी छोटी मछलियों पर?इन छूट पुट कार्यवाही के बाद अभी तक कोई बड़ी कार्यवाही जिले में देखने को नही मिली है,
जन चर्चा का विषय बना अधिकारियों की कार्यवाही?
प्रदेश मुखिया यादव ने जब से झोला झाप पर कार्यवाही का आदेश जिले के कलेक्टर को दिए थे तब से जिले में विराज मान झोला झाप पर संकट के बादल देखने को मिल रहे थे परंतु जगह जगह झोला झाप के भांजगाड़िए ने गांधी छाप के माध्यम से सभी को सेट कर कर दिया है,ऐसे में कुछ जगह पर ही कार्यवाही करना अधिकारियों की जन चर्चा का विषय आजकल खुले आम बन रहा है।
हरी हरी नोटो की सुगंध में मदहोश जिला स्वास्थ विभाग?
प्रदेश में झाबुआ जिले को कोई भी अधिकारी मिला हो वो सिर्फ प्रायोगिक ही मिला है,सरकारी सिस्टम पूरा कागज पर ही देखा जा सकता हे,मुखिया मोहन यादव द्वारा जो भी आदेश आमजन के लिए दिए जाते है वो सिर्फ आदेश तक या सिर्फ बैठको तक ही सीमित देखे जा सकते है,झाबुआ जिले में स्वास्थ का स्तर हद से ज्यादा गिरा हुआ है,ऐसे में झोला झाप का स्तर बढ़ता ही चला गया है और अधिकारियों की सक्रियता भी गिरती हुई देखने को मिली हे जिसका ताजा उदाहरण मुख्यमंत्री मोहन यादव के आदेश के बाद देखी जा सकती है,जन चर्चा का विषय में भी हरी हरी नोटो के सुगंध में जिला स्वास्थ विभाग मदहोश नजर आता जेसी बात सुनाई दी जा रही है,मामले में अब जिला कलेक्टर नेहा मीणा क्या कार्यवाही करती है ये भविष्य के गर्त में छुपी हे?