थांदला। बायपास मार्ग पर शासकीय व नाले की भूमि पर बने अवैद्य व्यावसायिक काम्प्लेक्स के रसूखदार ने सभी शासकीय नीति नियमो को धता बताते हुवे 15177 वर्ग फुट भूमि पर बगैर वांछित शासकीय अनुमतियो के निर्माण कर दुकाने किराये पर भी दे दी। अवैद्य काम्प्लेक्स से जुडा एक ताजा मामला फिर सामने आया है जिसमे रसूखदार को विद्युत विभाग द्वारा बिना दस्तोवेजी प्रमाण के करीब आठ स्थायी विद्युत कनेक्शन भी दे दिये। अवैद्य काम्प्लेक्स मे विद्युत कनेक्शन प्रदाय किये जाने के संबध मे विद्युत विभाग के सहायक यंत्री निषातसिंह का कहना है कि आवेदक द्वारा भूमि के व्यपर्तन की कापी प्रस्तुत की थी जिसके आधार पर विद्युत कनेक्शन दिये गये थे। जबकि विभाग के आला अधिकारीयो का कहना है कि भवन के किसी भी प्रकार के वैद्य दस्तावेज के विद्युत कनेक्शन नही दिया जाता है। विद्युत विभाग के पास भूमि पर मकान अथवा काम्प्लेक्स बनाये जाने के संबध मे किसी प्रकार का कोई दस्तावेज उपलब्ध नही है। जबकि आमतौर पर विभाग से विद्युत कनेक्षन लिये जाने के लिये ग्रामीण क्षैत्र मे पंचायत तथा नगरीय क्षैत्र नगर परिषद का अनापत्ति प्रमाण पत्र और भवन प्रमाण पत्र आवश्यक होता है किन्तु बायपास के काम्प्लेक्स के लिये विभागीय अधिकारी ने सभी नियमो को शिथिल कर एक ही व्यक्ति के नाम पर सात स्थायी कनेक्शन प्रदाय कर दिये। नगर परिषद के सीएमओ सीतल जैन ने बताया कि निकाय द्वारा काम्प्लेक्स मे विद्युत कनेक्षन प्रदाय किये जाने के लिये किसी भी प्रकार का अनापत्ति प्रमाण पत्र प्रदाय नही किया गया है। उक्त अवैद्य काम्प्लेक्स के शासकीय भूमि पर अतिक्रमण संबधी प्रकरण एसडीएम न्यायालय मे प्रचलित है उसके बावजूद भी सारे नियम कायदो को नजरअंदाज कर अवैद्य काम्प्लेक्स मे विद्युत कनेक्षन बगैर दस्तावेजो के प्रदाय किया जाना विचारणीय प्रश्न है। आम उपभोक्ताओ को नियमो के जाल मे उलझाने वाले विद्युत विभाग की रसूखदार अतिक्रमणकर्ता को इतनी रियायत देना कई संदेहो को जन्म देता है।
किसी भी व्यक्ति को वांछित शासकीय दस्तावेजो के आधार पर ही विद्युत कनेक्शन दिया जाता है मामला मेरी जानकारी मे नही मै दिखवाता हू , शिकायत मिलने पर कार्यवाही करेगे – डीएस चैहान ईई विद्युत विभाग झाबुआ