झाबुआ। एक मां अपने बच्चें को जन्म देने से पहले उसकी सुरक्षा के लिए क्या नही करती, वैसे ही जानवरों की भी प्रवृत्ति होती है… बस वो अमुक पशु बोल नही सकते… वो अपनी प्रवृत्ति और प्रकृति के अनुसार भौंक कर, रैंग कर, या रंभा कर प्रतिक्रिया देते है… लेकिन इंसान उस पर अपनी खीझ बडी बेदर्दी से निकालता है। जी हां हम बात कर रहे है सोशल मीडिया पर एक वायरल वीडियों की जिसमें बडी बेरहमी से थांदला नगर पालिका कर्मी एक श्वान के जोडे को लट्ठ से बडी बेरहमी से घेर कर मार रहे हैं… सुना है और सुत्र भी बता रहे है कि भाजपा की एक महिला पदाधिकारी का नाबालिक 11 साल का बेटा महिला नेत्री को लेकर अपने घर आ रहा था… तभी मादा श्वान ने उस पर भौंक दिया… बस फिर क्या था महिला नेत्री को इतना गुस्सा आ गया कि मेडम ने झिल्लाते हुए नगर पालिका कर्मियों को मौखिक आदेश दे दिया कि इस श्वान के जोडे को मार दो… ताबड तोड नपा कर्मी वहां पहुंचे और श्वान के जोडे को लटठ लटठ से मार दिया। बडी बात तो यह थी कि जिस श्वान ने भाजपा महिला पदाधिकारी के बेटे पर भौंका था उसके पेट में बच्चें थे कुछ दिनों में ही वो अपने बच्चों को जन्म देने वाली थी…
हम आपकों बता दे श्वान तीन से चार बच्चों को जन्म देती है। ऐसे में उसे बडी बेदर्दी से मारना कहां का न्याय है… भाजपा महिला पदाधिकारी से पुछती है थांदला की जनता कि अगर उसे और उसके बेटे को इस तरह बेदर्दी से लटठ से मारा जाये तो क्या..?? क्या सत्तारूढ़ दल भाजपा में जानवरों पर गुस्सा उतारना जायज है… क्या भाजपा में यहीं सिखाया जाता है कि जानवरों पर अत्याचार व क्रुरता की जाये… जो महिला भाजपा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मंचों से बडी बडी बातें करती है.. और ज्ञान पेलती है उसे तो ऐसा लगता है जमीनी ज्ञान की आवश्कता है… लगता है… शिक्षा भी नकल कर के प्राप्त की होगी। मगर हां थांदला वासियों को नगर पालिका कर्मियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग करनी चाहिए, मांग क्या कार्यवाही भी होनी ही चाहिए ताकि वो किसी बेजुबां जानवर पर इस तरह से क्रूरता न दिखाये और भाजपा महिला पदाधिकारी को भाजपा की रिती नीति सिखाना जरूरी है।