झाबुआ। जिले में अगर कोई सप्लाय के नाम पर भ्रष्टाचार का खेल होता है… उसकी शुरूआत ही रामा ब्लाॅक से होती है… चाहे आटा चक्की वाला मामला ले लो… या फिर को दी जाने वाली खेल सामग्री का… यहां तो बालिकाओं को दी जाने वाली प्रसाधन सामग्री को भी नही छोडा जाता है… राम नाम जपना पराया माल अपना की तर्ज पर कार्य किया जाता है… सुना है अब यहां बीआरसी कार्यालय में पदस्थ अजय नाम के कोई मास्टर जी… सप्लाय का खेल खेल रहे है… रजाई, गादी, फिनाईल, स्टेशनरी, साबुन, झाडु, टेबल कुर्सी यहीं देते है… अजय मास्टरजी इतने शातिर है कि फर्म भी तीन तीन बना रखी है… वो भी अपने रिष्तेदारों के नाम से… तो फिर क्या मास्टर जी बीआरसी कार्यालय में बैठे बैठे बस स्कूलों छात्रावासों में फोन लगा कर डिमांड मांगते रहते है… फिर प्राचार्य से नाम बदल कर बात करते है…. कोटेशन मांगा जाता है तो तीनों फर्मो के कोटेशन दे देते है… भ्रष्टाचार का बडा खेल ये छात्रावासों में खेल रहे है… पहले तो ये गुपचुप तरीके से काम करते थे अब तो खुलेआम करते है… कोई काम नही करता है तो भाजपा के पदाधिकारियों से संबंध बताते है… ओर धमकी देते है… कि जांच करवाने के साथ साथ तबादला करवा दुंगा… अब ये भाजपा नेता कौन है ये समझ से परे है… जल्द ही हम रामा ब्लाॅक में हो रहे भ्रष्टाचार के खेल को उजागर करते रहेगे। अब पता ये करना है कि आखिर बीआरसी कार्यालय में ये कौन अजय है तो इस तरह से भ्रष्टाचार का काला खेल खेल रहा है… आप भी पता करों… हम भी पता करते है कौन है ये अजय…!