भियां सभी को राम राम….!
लो भियां मैं फिर आ गिया कुछ कही अनकही के साथ…. भियां बडे बुजुर्ग के कर गिये है… कि जिस पर एक बार किसी का काला साया पड गिया… तो भियां उसके नक्षत्र तो बिगडेगेईज… जीवन भी झंट हो जाता है… और भियां मंत्री जी मैने तो चुनाव प्रभारी किशोर को पेलेज किया था… कि सफेद पोश काले भाई साब का साया प्रत्याशी पर मत पडने देना पर तुम तो तोक के घुम रिये हो… अब पड गिया है सफेद पोश काले भाई साब का साया प्रत्याशी पर… अब के नी सकते की कमलगटटों का झंडा गाड पाओगे के नी। मंत्री आपकों मालुम नी है कि जिस जिस पर इस सफेद पोश काले भाई साब का काला साया पडा.. वो भियां या तो बर्बाद हो गिया या तो निपट गिया… भियां ये जो काला भाईसाब है ये दो विधायकों को खा गिया है… अब तुमारी बारी नी आ जाये….। भियां मंत्री जी आप सोच रिये हो कि इस सफेद पोश काले भाई साब को आगे रखुगा तो कार्यकर्ता खुश होंगे… साबाशी देंगे। लेकिन ऐसा नी है भियां मंत्रीजी सब के सब कार्यकर्ता अंदर ही अंदर कुडकुडा रिये है…. और बोल रिये है ये काले भाईसाब को क्यों लेकर आ रिये है… हम यां नी है क्या? तो ये आ रिया है..और ये तो हमेशा पार्टी को डुबोता है… हर बार चुनाव में अपने ईमान का बेच खाता है… तो इसको आगे कर रिये तो येईज वोट दिलवाये… हमारी क्या जरूरत…!
तो भियां अब में जा रिया… लेकिन जाते जाते एक बात और बिता दुं कमल गटटों… ये जो तुम कार्यकर्ताओं की काले भाईसाब और उसके गुर्गो के चक्कर में उपेक्षा कर रिये हो… ये तुमकों भारी पडेगी… ये कमलगटटों की टीम यईज हरायेगा… तब को गे मंत्री जी भियां सईज के रिया था… अब जा रिया… जय राम जी की।