झाबुआ। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा शपथ ग्रहण करते ही कई आदेश पारित किये… जो प्रदेश के विकास के हित में ही थे…प्रदेश भर में ठेठ गांव से लेकर बडे बडे महानगरों में प्रशासन ने मुख्यमंत्री जी के आदेशों को सरआंखों पर लेते हुए. त्वरित कार्रवाई करना प्रारंभ कर दी। चाहे अतिक्रमण हो या फिर मांस विक्रय कार्रवाई बडी ईमानदारी से निरंतर की जा रही है। लेकिन झाबुआ जिले में मुख्यमंत्री जी के आदेश फिके लग रहे है। यहां जिला प्रशासन को मुख्यमंत्रीजी के आदेशों की पडी ही नही है उन्हें तो बस राम नाम जपना पराया माल अपना की तर्ज पर काम करना है। चंद लक्ष्मी यंत्रों के चक्कर में अपना ईमान बेचने को भी पीछे नही हट रहे है।
इन दिनों लोग दबी आवाज में गलियारों चर्चा करते नजर आ रहे है कि लगता है जिला प्रशासन को न जाने किसने खुदा का वास्ता दे दिया है तभी तो मुख्यमंत्रीजी के आदेश के सामने प्रशासन को खुदा का वास्ता भारी पड रहा है। सुत्रों का तो यह भी कहना है कि पुलिस के चंद लोग ऐसे बिकाउ है जब कार्रवाई करने के लिए दल निकलता है तो अवैध मांस विक्रेताओं को पहले ही सुचना दे देते है। कही न कही ये लक्ष्मी यंत्रों की सौगातों के चक्कर में अपना ईमान बेच रहे है। इन दिनों नगर में ये भी जनचर्चा है कि आखिर गुपचुप तरीके से मांस बेचने वालों की शिकायत मिलने पर भी कार्रवाई क्यों नही की जा रही है.. आखिर प्रशासन क्यों छोटी मोटी कार्रवाई कर इतिश्री करना चाहता है…। ऐसा लगता है यहां लक्ष्मी यंत्रों का ऐसा खेल चल रहा है कि हर कोई लक्ष्मी यंत्रों के सामने नतमस्तक नजर आ रहे है। कोई भी मुख्यमंत्री के आदेशों का पालन करना नही चाहता है।