अलीराजपुर संवाददाता,,,
जिले में अभी चुनावी पर्व का माहौल बनने लगा है और जैसे जैसे प्रचार प्रसार तेज होता जा रहा है वैसे वैसे राजनेतिक पार्टियों के उम्मीदवार और राजनेतिक पार्टियों के विपरीत निर्दलीय प्रत्याशी भी मैदान में अपना जोर दिखाने लगे है आज से शुरू हुवे हाट बाजारों में चुनावी प्रचार प्रसार अभियान की गाडियां अपने अपने उम्मीदवार के फोटो सहित वाहनों को बेनर पोस्टर सचित लाउडस्पीकर के साथ घूमने लगी है और अपने उम्मीदवार को लेकर जनता से बड़ी बड़ी घोषणाओं और वादों सहित अपनी घोषणाएं कर रहे है और जनता भी इनकी घोषणाओं को सुन रही है ।आज से हो रहे प्रचार प्रसार के बाद जनता के लिए बेहरत विकल्प क्या कांग्रेस की उम्मीदवार श्रीमती सेना पटेल जो जोबट विधानसभा से बाहर की उम्मीदवार है और वैसे भी जोबट विधानसभा में महिला प्रत्याशी और विजेता महिला विधायको के लिए मनहूश साबित हो रही है जोबट पूर्व विधायक स्वर्गीय सुश्री कलावती भूरिया के लिए जोबट विधायक बनने के बाद मनहूश साबित हुई और एक और पूर्व विधायक श्रीमती सुलोचना रावत जिनको भी इस बार विधायक बनते ही गंभीर बीमारी का सामना करना पड़ा और आज भी अस्पताल में उनका इलाज चालू है

और फिर महिलाओं के उम्मीदवारी करने को लेकर जनता के बीच गुपचुप तरीके से चर्चाएं जोरों पर है की जोबट में फिर से महिलाए विधायक बनती है तो उसके साथ भी ऐसा होगा क्या जोबट में कोई ऐसा जादू टोना तो नही किया जा रहा है सूत्रो के अनुसार ज्ञात हुवा है की कुछ नेता लोग चोरी छिपे तंत्र मंत्र का सहारा लेने के लिए उज्जैन जैसे शमशान घाटों के अघोरियो से भी मिलते है और छोटे मोटे तांत्रिको का भी रोजाना सहारा भी लेते है कुछ लोगो का यहां तक मानना है ।की जोबट या अलीराजपुर जिले में जो फर्जी बंगाली डॉक्टर है उनको भी जितने या उनके द्वारा विपक्षी उम्मीदवारों को हराने के लिए बंगाली लोगो को चुपचाप यहां बुलाकर या इन बंगाली डॉक्टरों को बंगाल भेजकर भी काला जादू भी करवाया जाता है जिससे जनता मोहित हो जाए और नही तो विपक्षी उम्मीदवार को हो धराशाई कर दिया जाए जिससे उनकी सत्ता कायम रहे ।उसका एक उदाहरण नगर परिषद चुनाव में आजाद नगर भाभरा में जनपद पंचायत के बूथों में 21 बार साफ सफाई करवाने के बाद भी राय के दानों को बार बार बूथ केंद्रों पर डाला जाना जिसका एक प्रमाणिक उदाहरण है जिससे पूरा प्रशासन और वोटर और उम्मीदवार सकते में थे और कई बूथ एजेंट भी इस घटना से हैरान थे और नगर के कई अन्य बूथ केंद्रों पर भी इस प्रकार की और भी घटनाएं हुई जिससे बाद सभी बूथ केंद्रों से कर्मचारियों ने राय के दानों को पानी और झाड़ू मारकर साफ सफाई भी करवाई और कई उम्मीदवारो के आपत्ति भी ली। जोबट विधानसभा में भाजपा के उम्मीदवार विशाल रावत और चार निर्दलीय जिसमे कांग्रेस से बगावत कर पहली बार अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई सुरपाल अजनार जिनके ऊपर भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे है ।और भाजपा से बागी हुवे उम्मीदवार मधोसिंग डावर दादा के नाम से प्रख्यात है जिनके परिवार के लोगो और उनका खुद का नाम गेहूं चावल चोरी कांड कर विक्रय के लिए गेहूं स्पलायर ठेकेदार के साथ जुड़े होने की खबरे आई और कुछ गाड़िया भी जिला प्रशासन के अधिकारियों ने जप्त की ।निर्दलीय उम्मीदवार में मोहन मोहनिया जो एक राजनेतिक पार्टी के भी प्रत्याशी है जिनके बारे में जनता ज्यादा कुछ नहीं जानती ।और एक प्रत्याशी जयस समर्थित रिंकुबाला डावर भी है जिनको जनता की हितेषी बनकर जोबट क्षेत्र में विधानसभा में पहली बार निर्दलीय प्रत्याशी बनाकर जबरन कुछ लोगो ने मैदान में धकेल दिया और चुपचाप पीछे के रास्ते से अन्य अमीर और रईस उम्मीदवारी की दौलत के मजे लूटने उनके साथी जा रहे है और उनको नदी के बीचों बीच छोड़ कर नदी में नाव को डूबने के लिए छोड़ गए ।एक और उम्मीदवार दिलीप सिंह भूरिया है जिनको आम आदमी पार्टी से टिकिट ओर बि फॉर्म नही दिया जाने के कारण अपने जोबट के आम आदमी पार्टी के कार्यक्रताओं और अपने चाहने वाले लोगो को और अपने समाज की ओर से प्रतिनिधित्व करने का बोल कर कुछ लोग दूसरे लोगो के पाले में जाकर उनको भी राह में छोड़ चले गए लेकिन आज भी जनता में अपनी बेखौफ आवाज और अपनी बेखौफ पत्रकारिता और बेखौफ राजनेतिक अंदाज के कारण जनता की आवाज लगातार दिन रात उठाते रहने के कारण जनता के बीच काफी चर्चा में है और कई उम्मीदवारों के रास्ते की दीवार बने हुवे है और इस बार जीत की मन में इच्छा लेकर इतने वोट का टारगेट लेकर चल रहे हैजिससे जीत के साथ कई दिग्गज राजनेताओं के जीत की मंशा को पलीता लगा सकते है।आदिवासी भील समाज से एक मात्र उम्मीदवार है और बाकी सभी उम्मीदवार छह उम्मीदवार भिलाला समाज से होने के नाते भील और भिलाला वोटरो के बीच बटवारे से भी उनको फायदा मिल सकता है और जोबट में सामाजिक संगठन जयस और सामाजिक भील सेना के बीच बनी दूरीयो के कारण भी उनको फायदा मिल सकता है और कई दिग्गजों को घर वापसी करवाने का माद्दा रखते है जिनकी उपस्थिति मात्र से कई नेताओ का आज तक का गणित ही बिगड़ा हुवा है ।अभी तक शांत शांत प्रचार प्रसार में लगे हुवे है जिनको युवाओं और ईमानदार तबका अपनी कार्यशैली के कारण काफी पसंद करता है साथ ही अपनी करनी और कथनी पर सही साबित होने के कारण कई उम्मीदवार इस बार भी उनको हल्के में नही ले रहे है । आज तक जो भी परिणाम आए हो या जो भी उम्मीदवार हुवे है उनके काम जनता को समझमे आए है इस बार जनता में खुशपुश चालू है की जो भी उम्मीदवार जनता की मूलभूत सुविधाएं देंगे उनको ही वोट करेंगे साथ ही उनकी हर एक समस्या और उनकी उन समस्याओं का समाधान जिला प्रशासन और राज्य शासन से करवायगे ऐसे ही प्रबल उम्मीदवार को वोट करेंगे ।