वर्षो से उपेक्षा का शिकार हो रहा है रायपुरिया का एक मात्र खेल मैदान
परिवेश पटेल रायपुरिया
गांव का एकमात्र खेल ग्राउंड उपेक्षा का शिकार होता जा रहा है यहां वर्षों से की जा रही मांग वाल बाउंड्री की लेकिन आज तक अधुरी है कहीं ऐसा ना हो कि आने वाले दिनों में यह खेल ग्राउंड अतिक्रमण की चपेट में आ जाए क्योंकि इस जगह पर कई अतिक्रमणकारियो की की निगाह बनी हुई अगर ऐसा होता है तो कई बच्चों का भविष्य अंधेरे में हो जायेगा क्योंकि उनकी प्रतिभा निखारने की जगह नहीं बचेगी यह चिंता का विषय है अगर समय रहते प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं देगा तो आने वाले दिनों में यह ग्राउंड अतिक्रमण की चपेट में आ जाएगा प्रदेश सरकार खेल ग्राउंड के लिए जगह उपलब्ध कराती है एवं वहां पर बाउंड्रीवाल वाले स्टेडियम बनाती है लेकिन यहां पर तो जगह होने के बाद भी नजरअंदाज किया जा रहा है खेल ग्राउंड पर प्रतिदिन सुबह शाम छोटे व बड़े बच्चे क्रिकेट खेलते हुए देखे जा सकते है लेकिन ऐसी ही स्थिति रही तो यहां पर इन बच्चों का खेलने बंद ना हो जाए क्रिकेट प्रेमियों ने प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि जल्द से जल्द इस खेल ग्राउंड की वॉल बाउंड्री बनाई जाए ताकि युवा पीढ़ी को अपनी प्रतिभा को निखारने का अवसर मिलता रहे
क्या कहना हायरसेकंडरी स्कूल की प्राचार्य कल्पना वर्मा से पूछा तो उन्होंने बताया कि हमने वाल बाउंड्री के लिए जनजातीय कार्य विभाग को आठ से दस बार लिखित में वॉल बाउंड्री बनाने के लिए विभाग की ओर से प्रस्ताव भेजा दिया है
वही ग्राम पंचायत से इस बारे में जानकारी चाही तो पंचायत सचिव तोलसिंह निनामा ने बताया कि ग्राम पंचायत बॉडी ने इसे ठहराव प्रस्ताव में लेकर प्रशासन भेजा हुआ है साथ ही ने इसे पंचायत की कार्य योजना में ले रखा है।
अब देखना यह है की बच्चों का जो हक है खेल,उसके लिए उन्हें सही मायने में यह खेल मैदान अपने खेल के लिए मिलता है कि नही या धीरे धीरे मैदान ही गायब हो जाएगा।