मिस्टर 420 पर एफआईआर दर्ज लायसेंस निरस्त
अंकित मूल्य से अधिक दर पर माल बेचने पर कृषि विभाग ने दर्ज करवाई एफआईआर
कब तक बीज व्यापारी किसानों का शोषण करते रहेंगे
थांदला। कृषि के क्षेत्र में व्यापारी ही माल की सॉल्टेज पैदा करते है और फिर उसे मनमाने दाम पर बेचकर मोटी राशि वसूलते है। अमानक एवं स्तर हीन बीजों के बजाय कुछ कम्पनियों के बीज की मांग झाबुआ ज़िलें में सतत बनी रहती है। सोयाबीन, मक्का व कपास की प्रधानता वालें आदिवासी बाहुल्य में कपास में काशीनाथ ब्रांड की मांग हमेशा बनी रहने से व्यापारी इसका स्टॉक करते हुए किसानों से अंकित मूल्य से दो से तीन गुना अधिक राशि वसूलते है।
लगातार शिकायत मिलने पर थांदला एसडीएम तरुण जैन, तहसीलदार अनिल बघेल, कृषि विकास अधिकारी गंगाराम चौहान, बिजी निरीक्षक उदयसिंह काग आदि ने थांदला में कृषि एजेंसियों व खाद बीज की दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान ग्राम उदयपुरिया के किसान कैलाश सिंगाड़िया, रिंकू निनामा के द्वारा दुकानदार के प्रति अंकित मूल्य से ज्यादा मूल्य में बीज देने की शिकायत की गई जिसकी जाँच के बाद सम्बंधित फर्म पर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत धारा 420, 3, 7 के तहत एफआईआर दर्ज कर लायसेंस निरस्त की प्रक्रिया की गई है। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी दो अन्य फर्म पर भी इसी तरह की कार्यवाही की जा चुकी है। इधर व्यापारियों का कहना है कि पैसा वसूली के लिए कुछ उग्रवादी संगठन ही किसानों को उकसाते हुए गलत शिकायत करवा रहे है जबकि वे नियम से ही बीज वितरण करते हुए बिल से भुगतान ले रहे है।