किसानों ने कई बार मांग की मगर किसानों को सांसद गुमानसिगं डामोर एवं विधायक वालसिंग मैड़ा ने सिर्फ आश्वासन दिया
ग्राम पंचायत कुडवास के सरपंच पहुंचे भोपाल

परिवेश पटेल रायपुरिया
क्षेत्र के अलस्याखेड़ी, कुडवास,सोयला, झावलिया पंचायत के किसानों के पास सिंचाई के लिए पानी नहीं है। नजदीक जा रही माही परियोजना की नहर से दो-चार किमी के दायरे की ये पंचायतें पानी की गंभीर समस्या से जूझ रही हैं। कई किसानों के हालात ऐसे हैं कि वे साल में बस एक बार फसल उगा पाते हैं, क्योंकि दूसरी रबी फसलों की सिंचाई के लिए उनके पास पानी नहीं रहता। ऐसे में किसान अपने बच्चों के भविष्य को लेकर भी चिंतित हैं।
10 वर्षों से यह क्षेत्र माही के पानी की मांग करता आ रहा है, इन सबके बावजूद अगर कुछ मिला तो बस आश्वासन। कई बार मुख्यमंत्री से किसान मांग कर चुके हैं, लेकिन आज तक कोई पहल नहीं हुई। इनमें से कई पंचायतें गंभीर पेयजल संकट भी झेल रही हैं। क्षेत्र का वाटर लेवल बहुत नीचे है, ऐसे मे हैंडपंपों में भी पानी नहीं है। किसानों के निजी होल, तालाब सब सूख जाते हैं। गर्मी के दिनों में किसान पानी के लिए भटकते हैं। क्षेत्र की प्रमुख समस्या पेयजल के साथ कृषि जहां से पानी दो सौ किमी दूर क्षेत्र में पहुंच चुका है। वहीं क्षेत्र की उक्त पंचायतों में माही की नहर नहीं पहुंची।
ग्राम पंचायत कुडवास के सरपंच ने भोपाल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से से भी मांग की ग्राम पंचायत कुडवास, अलस्याखेड़ी,मोहनकोट,झावलिया,सोयला में रबी के सीजन में काफी परेशानी आती है
सांसद गुमानसिंग डामोर,विधायक वालसिंग मैड़ा से लोगों ने माही नहर लाने की मांग की है। पानी के बिना क्षेत्र पिछड़ रहा है, वहीं पेयजल हेतु कुछ पंचायतों में समस्या है। अलस्याखेड़ी,कुडवास,मोहनकोट पंचायत में तो पानी की गंभीर समस्या है।