दिलीप सिंह भूरिया अलीराजपुर जिला ब्यूरो चीफ
अलीराजपुर जिले के समस्त छोटे बड़े गावे से अवेध बसों का संचालन हो रहा है लेकिन जिले के आरटीओ साहब अपनी आखों में फेविकोल डालकर सो रहे है और अवेध बस संचालकों को मनमाने ढंग से गाड़ियों में आदिवासी मजदूरी करने वाली महिला पुरुष और बच्चो को भेड़ बकरियों की तरह ठूस ठूस कर भरकर गुजरात लेजाकर छोड़ा जा रहा है ।लेकिन कार्यवाही के नाम पर कुछ भी नही है जिला प्रशासन के अलावा जिले भर की पुलिस थाने और चौकियों पर नियुक्त थाना प्रभारियों और चौकी प्रभारियों को अवेध बस संचालक इंट्रियों के नाम पर लाखो रूपये बाटे जा रहे है जिससे जिले भर के सभी थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी अपनी तिजोरियां धड़ाधड़ भर रहे है और जिले के जिला कलेक्टर और एसपी के अलावा एसडीएम तहसीलदार और पटवारी जेसे लोग भी कोई कार्यवाही नहीं करते स्थानीय बस स्टैंड के अलावा निजी भूमि को बस स्टैंड बनाकर दिन दहाड़े सेकडो बड़े और हजारों मजदूरों को बिना परमिट के बसे को गुजरात भेजा जा रहा है जिसमे आरटीओ पुलिस अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी आंखे बंद कर इस गोरख धंधे में अपनी सहभागिता निभा रहे है जिसका जीता जागता उदाहरण सभी दूर से लिए गए वीडियो ।जिले भर में संचालित हो रही अवेध बसों के खिड़कियों के कांच तक सही सलामत नही है ।और कई बसों के फिटनेस तक की भी जांच नही होती और कई बसों पर मोटर साइकिल रखकर गुजरात भेजी जाती है जिनको भी दस्तावेज कोई भी जांच नही करते जिसमे कई मोटर साइकिल चोरी के भी हो सकते है जिनके दस्तावेज की जांच करना भी बहुत जरूरी है जिससे जिले भर में चोरी हुई मोटर साइकिल का भी पता चल सके और चोरों का भी ।
