माननीय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश महोदय श्री आर. के. शर्मा सा. झाबुआ, जिला झाबुआ द्वारा आरोपी गुरजी पिता पारू सिंगाड़िया उम्र 35 वर्ष निवासी खेड़ी पिटोल को धारा 302 भादवि के तहत आजीवन कारावास एवं 5000 रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया । शासन की ओर से प्रकरण का संचालन श्रीमति मनीषा मुवेल एवं श्री राजेन्द्रापाल अलावा, विशेष लोक अभियोजक द्वारा किया गया ।
अभियोजन जिला मिडिया प्रभारी सूरज वैरागी ने बताया कि दिनांक 28.09.2021 को फरियादियां सारिका पति स्वर्गीय मुकेश कटारा उम्र 25 वर्ष निवासी बेडावली थाना कल्यानणपुर ने रिपोर्ट की कि बड़ी बहन प्रमिला की शादी आज से 15-16 साल पहले गुरजी पिता पारू सिंगाड़िया के साथ निवासी खेड़ी पिटोल के साथ हुई थी । मैं अपने बच्चों के साथ अपने पिता के घर ग्राम कल्लीपुरा (काछला फलिया) रहती हॅू । मेरी बड़ी बहन प्रमिला दो दिन पहले महाराष्ट्र बम्बई से मजदूरी करके ग्राम कल्लीपुरा आई थी मेरे माता-पिता मजदूरी करने बाहर गुजरात गये है, घर पर मैं, मेरी भाभी झुमा पति चरणसिंह और मेरी बड़ी बहन प्रमिला घर थे । दिनांक 27.09.2021 को मेरा जीजा गुरजी हाथ में कुल्हाड़ी लेकर ग्राम कल्लीपुरा आया और मेरी बहन प्रमिला को बोला की मेरे साथ चल मै तुझे लेने आया हॅू तो मेरी बहन ने बोला कि मेरा भाई चरणसिंह आ जायेगा वो जैसा बोलेगा वैसा करूंगी इसी बात को लेकर दोनों के बीच काफी झगड़ा हुआ और रात्री के करीब 2.30 बजे मेरे जीजा ने मेरी बहन को जान से मारने की नियत से कुल्हाड़ी से सिर में मारी जिससे मेरी बहन प्रमिला की मृत्यु हो गई । मैं और मेरी भाभी झुमा चिल्लाई और पकड़ने के लिए दौड़ी तो गुरजी वहां से हाथ में ली कुल्हाड़ी लेकर भाग गया । फरियादियां की रिपोर्ट पर से थाना कल्याणपुरा पर अपराध क्र. 266/2021 धारा 302 भादवि का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया । अनुसंधान पूर्ण कर अभियोग पत्र न्याायालय में प्रस्तुत किया गया । अपराध की गंभीरता को देखते हुए, उक्त प्रकरण को जिले का चिन्हित एवं जघन्य सनसनीखेज घोषित भी किया गया था ।
अभियोजन द्वारा प्रस्तु त साक्ष्य एवं तर्क से सहमत होते हुए न्यायालय द्वारा आरोपी गुरजी पिता पारू सिंगाड़िया उम्र 35 वर्ष निवासी खेड़ी पिटोल को धारा 302 भादवि के तहत आजीवन कारावास एवं 5000 रूपये के अर्थदण्डन से दण्डित किया गया । शासन की ओर से प्रकरण का संचालन श्रीमति मनीषा मुवेल एवं श्री राजेन्द्रापाल अलावा, विशेष लोक अभियोजक द्वारा किया गया ।