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जनपद निधि की राशि वितरण में भेदभाव , विधायक मेड़ा के नेतृत्व में जनपद सदस्यों ने एसडीएम राठौर सोपा ज्ञापन

पेटलावद। शुक्रवार को पेटलावद क्षेत्र के विधायक वालसिंह मेड़ा के नेतृत्व में पेटलावद जनपद के लगभग 5 से अधिक जनपद सदस्यों ने पेटलावद जनपद के 07 वार्डो में 15 वे वित्त आयोग की राशि में भेदभाव पूर्ण रवैया अपनाने समान राशि वितरित नही करने और मासिक बैठक में एजेंडे में प्रस्ताव पारित नहीं करने के संदर्भ में एक ज्ञापन अनुवीभाग अधिकारी पेटलावद अनिल कुमार राठौर को सौंपा जिसमें जनपद सीईओ के कामकाज पर भी सवालिया निशान उठाए गए हैं।

यह है मामला

जिला पंचायत झाबुआ के सीईओ ने 15 वा वित्त अंतर्गत शाशन खण्ड पंचायत विकास योजना (बीपीडीपी) 2023 -24 के लिये जिला पंचायत की योजना समिति (डीपीसी) की अनुमोदित सूची दिनांक 03 मॉर्च को जारी करते हुए आदेश जारि किया है जिसमे पेटलावद जनपद के 25 वार्डो में 18 वार्डो को उनके क्षेत्र में टाइप एन्ड फंड राशि 74.39 लाख की स्वीकृति दी है जो सम्बंधित वार्डो के विकास कार्यो में खर्च जनपद सदस्य के द्वारा खर्च की जाएगी ।

जनपद ने की थी अनुशंसा

उल्लेखनीय है कि डीपीसी ने जिन वार्डो में यह राशि स्वीकृत की है उसे दिनाक 21 .12.22 को जनपद स्तरीय समिति ने अनुशंषा करके जिले में भेजा था। उल्लेखनीय है कि जनपद स्तरीय उक्त समिति ने भाजपा समर्थित जनपद वार्डो में राशि स्विकृति का अनुमोदन भेजने के आरोपो से भेदभाव करने के आरोपों के चलते यह ज्ञापन सोपा गया है ।

यही से शुरू हुआ विवाद

बस यही से पूरा विवाद उतपन्न हुआ है , इस मामले में जिन 18 वार्डो को राशि दी गयी है उन्हें छोड़कर वार्ड 25 ,05 ,15,11ओर वार्ड 21 जो कि कांग्रेस समर्थित वार्ड है को उनके क्षेत्र के विकास के लिये कोई भी राशि स्वीकृत नहीं की गई है वही वार्ड 16 ओर 17 में भी अन्य वार्डो की अपेक्षा कम राषि विकास के लिये स्वीकृत की गई है ।
जनपद सदस्यों ने लगाए आरोप
इसी पूरे मामले में जनपद सीईओ पर भाजपा समर्थित जनपद सदस्यो ओर अध्य्क्ष के इशारे पर भेदभाव के आरोप लगाकर सीइओ के लिये आज शुक्रवार को विधायक वालसिंह मेड़ा के साथ जनपद सदस्य नारायड ताड, सावित्री, झूमा ओर थावरीबाई ने एक ज्ञापन एसडीएम राठौर को सोपा है ।इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्य्क्ष सुरेश मुथा ओर भरत मुलेवा भी उपस्थित रहे।

बंद कमरे में निर्णय का आरोप

पूरे मामले में जनपद सदस्य नारायण ताड जो कि तीसरी बार सदस्य के रूप चुनकर गए ने बताया कि सीईओ ने बंद कमरे में सारे निर्णय लिए है। न तो कांग्रेस समर्थित सदस्यों को बेठक की सूचना दी और नही हमारे क्षेत्रों में होने वाले कार्यो कि सुची ली और नही प्रस्ताव बनाकर हमारे लिये किसी भी राशि का अनुमोदन नही किया है पूरा मामले में सीइओ ने बंद कमरे में प्रस्ताव बनाकर जिले में अनुमोदन के लिये भेजा है।

जनता के विकास के मुद्दों पर राजनीति ठीक नही

इस मामले में विधायक वालसिग मेड़ा ने कहा कि जनता के वोट लेकर जनपद सदस्य बने है वित्त विभाग ने क्षेत्रो के विकास के लिये पैसा दिया है । लेकिन सीइओ ने भेदभाव करके हमारे समर्थित जनपद क्षेत्र के विकास को अवरुद्ध करने के लिये पैसा नही दिया , बिना राशि के विकास कार्य कैसे करेंगे? राजनीति अपनी जगह लेकिन जनता के विकास के मुद्दों पर भेदभाव ठीक नही ।

जितनी राशि आयी थी वह स्वीकृत की है अगली बार देंगे

इस पूरे मामले में जहां सीईओ राजेश दीक्षित ने मीटिंग में व्यस्तता का हवाला देते हुए पूरे मामले से किनारा करने का प्रयास किया है ।

भेदभाव के आरोप गलत

वही जनपद अध्य्क्ष रमेश सोलंकी ने चर्चा के दौरान बताया कि शाशन से जो राशि आई थीं उसी का प्रस्ताव बनाकर भेजा था, आगे आने वाले दीनो में फिर से राशि का आवंटन होगा तब शेष अन्य वार्डो को भी राशि देंगे। भेदभाव के आरोप गलत है।

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