दिलीप सिंह भूरिया
आदिवासी क्षेत्रों में राज्य सरकार आदिवासी बालिकाओं की शिक्षा का स्तर बेहतर करने के लिए आवासीय हॉस्टल खोकर उनको बेहतर शिक्षा के लिए अलग से बजट दे कर बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना चाहती है लेकिन बालिकाओं के लिए जो बजट आता है उसमे जिले का पूरा शिक्षा विभाग दीमक की तरह अंदर ही अंदर खा रहा है जिसका जीता जागता उदाहरण जिले में सहायक आयुक्त के नाम गुड़ा बालिका हॉस्टल अधिक्षिका से रुपए बजट के नाम पर मांगते हुवे जोबट बीईओ का ऑडियो सोसल मीडिया में वायरल हो रहा है ।जिसकी पुष्टि वॉइस ऑफ झाबुआ नही करता लेकिन खुल्ले आम अधिकारियों के नाम पर रुपए मांगना जिले में हो रहे शिक्षा विभाग में हॉस्टल में भ्रष्टाचार और रिश्वत को उजागर कर रहा है।मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मंच से तो बड़ी बड़ी घोषणाएं कर देते है लेकिन उनके राज्य में उनके अधिकारी उनकी भांजियो की शिक्षा में दिए जाने बजट में बंदर बाट कर रहे है ।आगे देखना कब तक इस ऑडियो कांड की जांच होगी और दोषियों पर कब कार्यवाही होगी ।
नोट वॉइस ऑफ झाबुआ वायरल हुए इस ऑडियो की किसी भी प्रकार से पुष्टि नहीं करता है।