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प्रशासन की कार्यवाही की ढील से बांग्लादेशी बंगालियों ने फिर खोले अपने क्लिनिक और हॉस्पिटल,क्लिनिक के बजाय अपने अपने घर से इलाज कर रहे है बंगाली डॉक्टर ।

जिला कलेक्टर विशेष अभियान चलाकर इनपर करे कार्यवाही आपके अधिकारी ही इनका सपोर्ट कर रहे है अंदुरिनी तौर पर ।

इनके इलाज से सभी समाज के लोगो का जीवन संकट में ।

दिलीपसिंह भूरिया

बीते दिनों हुई बांग्लादेशी बंगालियों डॉक्टरों के फर्जी हॉस्पिटल और क्लिनिक पर कार्यवाही से सचेत हुवे बंगाली बांग्लादेशी डॉक्टर अपने अपने क्लिनिक छोड़ अपने अपने निजी या किराए के मकान से लोगो का इलाज चोरी छिपे कर रहे है।माननीय जिला कलेक्टर महोदय जिले में हजारों की तादात में फर्जी बंगाली डॉक्टर है और कार्यवाही अधीनस्थ स्वास्थ्य विभाग के मुख्य चिकित्सक और अन्य विभाग के आपसी तालमेल के अभाव में सारी कार्यवाही की सूचनाएं लीक हो गई जिससे ताबड़तोड़ कार्यवाही से पहले ही बंगाली डॉक्टरों अपने अपने क्लिनिक और हॉस्पिटल बंद कर दिए ।जिससे इन फर्जी बंगालियों पर की गई कार्यवाही बेइमानी दिखाई दे रही है साथ ही आज भी बंगालियों के द्वारा गांव में जाकर व्यक्तिगत मरीज के यहा इलाज करना आपने प्रशासन की सतर्कता की पोल खोल रहा है ।आपके प्रशासनिक विभाग के एएनएम आंगनवाड़ी कार्यक्रता और आशा कार्यक्रताओं के द्वारा भी गांव गांव किसी भी प्रकार की सही सूचनाएं शासन प्रशासन को नही दी जाती और गांव में कोई बिना डिग्री और बिना किसी ग्राम तड़वी सरपंच की अनुमति के बिना इलाज और ग्राम में घुसना भी अब तो गैर कानूनी माना जायेगा लेकिन बंगाली खुल्ले आम हर गांव गली मोहल्लों में घुस रहे है और इलाज भी बेखौफ कर रहे है ।जिससे आदिवासी अंचलों में इनके सस्ते इलाज के चक्कर में गरीब अनपढ़ आदिवासी अपने शरीर और अपनी आदिवासी जाती का जाने अनजाने में अपने ही परिवार के लोगो और समाज के लोगो को स्वयं इलाज के बहाने मौत के दरवाजे तक लेकर जा रहे है ।स्थानीय स्वास्थ्य विभागो के अलावा बाहरी तत्वों के द्वारा गाड़ियों से इनके हॉस्पिटल में हर प्रकार की अमानक अप्रमाणिक दवाइयों का प्रयोग करवाया जा रहा है कई दवाई कंपनिया अपनी प्रायोगिक दवाइयों का प्रयोग बिना शासन प्रशासन की अनुमति के बिना ही इन पर प्रयोग कर रही है ।जिससे आदिवासी समाज खत्म हो जाए ।कभी भी किसी बंगाली के पास डिग्री नही है है भी तो नकली और फर्जी डिग्रिया फिर इनपर शासन और प्रशासन और नेता नगरी क्यों मेहरबान है ।इसकी कड़ी जांच होनी चाहिए।

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