तीर्थ रक्षा हेतु जैन श्री संघ लाबरिया द्वारा अपने-अपने प्रतिष्ठान रखे बंद, प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

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लाबरिया (धार) से विशाल मारु की रिपोर्ट

लाबरिया| झारखंड सरकार ने जैन समाज के सबसे बड़े तीर्थ सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया जिससे जैन समाज में आक्रोस है समग्र जैन समाज के आह्वान पर 21 तारिक को पूरे भारत भर में जैन समाज ने अपना व्यापार पूर्ण रूप से बंद रखकर स्थानीय अधिकारी को राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने की बात कही गई थी उसी कड़ी में आज लाबरिया जैन समाज ने भी अपना व्यापार पूर्ण रूप से बंद रखकर शांतिनाथ मंदिर से मोन जुलूस निकाला जो मेन बाजार होते हुए चौपाटी पुलिस चौकी पर पहुंचा जहा पर स्थानीय अधिकारी नायब तहसीलदार महोदय रवी जी शर्मा को प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा जिसमें बताया गया कि 24 तीर्थंकर मे से 20 तीर्थंकर भगवान कि निर्वाण भूमी है जो झारखंड राज्य मे सम्मेद शिखर पारसनाथ पर्वत के नाम से प्रसिद्ध है जोकि जैन समाज की आस्था और श्रद्धा का केंद्र है यह जैन समाज का सबसे बड़ा तीर्थ स्थल है विश्व भर से हजारों श्रद्धालु प्रतिवर्स यहां तीर्थ यात्रा व जैन संस्कृति की स्पर्शना करने आते हैं ऐसी पावन भूमि को झारखंड सरकार ने पर्यटन स्थल घोषित किया है जिसका समग्र जैन समाज विरोध करता है, उसी कड़ी में आज यहां भी व्यापार व्यवसाय बंद रखकर मोन जुलूस के माध्यम से विरोध दर्ज करवाया गया और माननीय प्रधानमंत्री जी से मांग की गई की इस तीर्थ को पर्यटन स्थल घोषित नहीं करे ज्ञापन का वाचन जैन श्री संघ अध्यक्ष राकेश बाफना ने किया इस तीर्थ रक्षा मे अखिल भारतीय श्री राजेंद्र जैन नवयुवक परिषद के प्रदेश सहप्रवक्ता विशाल जैन, विमल बाफना, सूरेस चंद्र जैन, हीरालाल काकरिया, मुकेश कोठारी, सुजानमल जैन, भूपेंद्र कोठारी ,दिलीप कुमार बाफना, अनिल काकरिया , समीरमल जैन ,बसंती लाल जैन, राजेंद्र जैन, ओछबलाल जैन, अभय कुमार जैन, विकास जैन, सुनिल जैन ,प्रकाश चंद जैन ,आशीष जैन, महिला परिषद से ममता कोठारी, सुनंदा बाफना, विनीता जैन, सुनीता जैन, आदि सैकड़ों जैन समाजजन उपस्थित थे

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