Homeअलीराजपुरक्यों करते हो साहब खबर लगने का इंतजार ही करते हो

क्यों करते हो साहब खबर लगने का इंतजार ही करते हो

 

 

अधिकारी कहते है जब तो तोड़ेंगे नही तब छोड़ेंगे नही खास सोचने वाली बात तो यह ही कि साहब कार्यवाही करनी ही थी तो सभी ठिकानों पर करते , कुछ फर्जी दवाखानों पर कार्यवाही कर क्या आप अन्य को सूचना दे रहे थे क्या की पहले से सचेत हो जाये , साहब वो आपकी कार्यवाही का इंतजार थोड़ेही करेंगे कि साहब आएंगे कार्यवाही करेंगे ?

वाह साहेब मान गए आपको एक तीर दो निशाने

एक ओर कार्यवाही बता दी दूसरी ओर सचेत कर दिया ।

कुम्भकर्ण की नींद सोया स्वास्थ्य अमला व प्रशासन खबर लगने के बाद जागा नींद से
जिले में झोलाछाप डॉक्टरों पर प्रशासन की ताबड़तोड़ कार्यवाही,
डॉक्टरों में मचा हड़कप,स्वास्थ विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त कार्यवाही। प्रशासन की टीम द्वारा कई अवैध क्लिनिक का बनाया पंचनामा कई झोलाछाप डॉक्टर शटरडॉउन कर भागे तो कोई फर्जी डॉक्टर शटर बंद कर खुदको ही अंदर बंद कर बैठ गए । अलीराजपुर जिले को भी भारत सरकार द्वारा अवैध दवाखानों का हब घोषित कर देना चाहिए , हमारा जिला कम नही है हर चीज में आगे है सुना है सालों बाद कार्यवाही हुई है अवैध दवाखानों पर क्या कारण है कि अधिकारी चुप्पी साधे बैठे थे इतने समय से
अवैध दवाखानों का कोने कोने में बसेरा है बाहरी फर्जी डॉक्टर अपनी फर्जी दुकाने अलीराजपुर के हर तहसील गांव में लगा बैठे है
भोले भाले आदिवासियों को लूटने का काम चरम पर है मगर शोया प्रशासन नही जागता कुछ तो मेडिकल के पीछे ही अवैध दवाखाना चला रहे है लाइसेंस मेडिकल का काम अवैध दवाखाने का वाह रे फर्जी डॉक्टरों नैया पार लगा दी तुमने तो ,क्यों करते हो जान से खिलवाड़ क्या आदिवासियों का जीवन नही या गरीब तबके को चुना लगाने के लिए या यह दुकाने किसी की देख रेख में चल रही है

फर्जी तेरी चांदी ही चांदी
झोलाछाप डॉक्टर द्वारा बिना पंजीयन के एलोपैथी चिकित्सा व्यवसाय ही नहीं किया जा रहा है। बल्कि बिना ड्रग लाइसेंस के दवाओं का भंडारण व विक्रय भी अवैध रूप से किया जा रहा है। दुकानों के भीतर कार्टून में दवाओं का अवैध तरीके से भंडारण रहता है इन दिनों मौसमी बीमारियों का कहर है। झोलाछाप डॉक्टरों की दुकानें मरीजों से भरी पड़ी हैं। गर्मी से सर्दी मे बदलाव के कारण इन दिनो उल्टी, दस्त, बुखार जैसी बीमारियां ज्यादा पनप रही हैं। झोलाछाप ऐसे मे मरीज का इलाज ग्लूकोज की बोतलें लगाने से शुरू करते हैं। एक बोतल चढ़ाने के लिए इनकी फीस 500 से 1000 रुपए तक होती है ओर फिर ये 3 दिन के डोज के नाम से हजारों रुपए की मोटी रकम मरीजों से वसूल लेते हैं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments

error: Content is protected !!