VOICE OF झाबुआ
विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन द्वारा धूलसिंह खरत को समाज विज्ञान संकाय में उनके शोध कार्य ‘पश्चिमी मध्य प्रदेश के संदर्भ में भीलों का 1740 ई. से 1947 ई. तक ऐतिहासिक अध्ययन’ शीर्षक के लिए शोध उपाधि अक्टूबर 2022 को प्रदान की गयी।
डॉ. धुलसिंह खरत ने अपना शोध कार्य डॉ. एस. एल. वरे, प्राचार्य (सेवानिवृत) श्रीकृष्णाजी राव पवार शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय देवास के मार्गदर्शन में पूर्ण किया। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए माता पिता, धर्मपत्नी, भाई बहन एवम इष्ट मित्रों ने बधाई तथा उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी वर्तमान में डॉ. खरत शासकीय आदर्श महाविधालय झाबुआ में सहायक प्राध्यापक (इतिहास) के पद पर पदस्थ हैं।