दिलीप सिंह भूरिया
हम बात कर रहे है अलीराजपुर जिले में स्थित ग्राम पंचायत आम्बुआ की जहा शिक्षा के मंदिर के पास ही बेखोफ चल रहा है जूवा ,सट्टा क्या पुलिस को जानकारी नही है या फिर पुलिस जानकारी होते हुए भी जानबूझ कर आँखों को बंद करके बैठी है। शिक्षा के मंदिर को भी नही छोड़ा और उसकी दीवार के पीछे ही तितली भवरा का खेल खुल्ले आम दिन दहाड़े चालू है और जिले की जिम्मेदार पुलिस मोन क्यों है यहाँ तो एक सरपंच ही चलाता है है सट्टा लगता है सब की मिली भगत से चल रहा है।तितली भंवरा । आंबुआ ग्राम पंचायत की मात्र दो से तीन गलियां होगी और स्थानीय पुलिस अधिकारी नही देखे ऐसा हो ही नही सकता ।यह काम पुलिस अधिकारियों को कर्मचारियों के संरक्षण के बिना संभव ही नहीं है ।