
दिलीपसिह भूरिया
चंद्र शेखर आजाद नगर भाभरा तहसील मुख्यालय से मात्र 9 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत सेजावाडा में प्राथमिक विधायक और स्थानीय बस स्टैंड पर स्थित हैंड पंप बंद है और उसकी दुर्दशा से ऐसा लगता है की कई महीनो से उसको पी एच ई विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की नजर ही ना पड़ी हो ।हैंड पम्प स्थानीय मुख्य मार्ग पर ही स्थित है जहा से करीब 200 लोग पीने का पानी उपयोग करते है लेकिन पी एच ई की अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही देखिए हैंड पंप को सुधरवाने की बात तो दूर उनको यह भी पता नही है की उनके कार्य क्षेत्र में कितने हैंड पंप है और कहा कहा बंद है ।क्योंकि अधिकारी और कर्मचारी आजाद नगर भाभरा क्षेत्र पाए जाने वाले निजी हैंड पंप सुधारने लोगो की वजह से इनका अतिरिक्त भार नहीं आता आदिवासी ग्रामीण अपने निजी खर्चे से ही हैंड पंप सुधरवा लेते है ।जिनसे इन अधिकारियों और कर्मचारियों की नींद ही नहीं खुलती भाभरा तहसील में सबसे ज्यादा पानी की किल्लत ग्राम सेजावाड़ा में है और वहा के आदिवासी ग्रामीण आज भी पीने के साफ पानी को तरस रहे है । शासन द्वारा पीने से साफ पानी के लिए नल जल योजना की शुरुआत की थी पूरे सेजावाडा में शुद्ध पीने के पानी को घर घर तक पहुंचाने के लिए नल और पाइप लाइन और पानी की टंकी पी एच ई ने कई वर्षो पूर्व ही निर्माण करवा ली और आज तक उसमे पानी की व्यवस्था नहीं करवा पाई जिससे सेजावाडा की आदिवासी जनता आज भी पीने के पानी के लिए अन्य स्रोतों का उपयोग करने को मजबूर है और स्थानीय नागरिकों और दुकानदारो और राहगीरों को भी पीने के पानी के लिए भटकना पड़ता है साथ ही स्कूल जाने वाली छात्रा भी स्कूल समय में पीने के पानी के लिए सिर पर घड़े उठाए पानी लाने को मजबूर है ।
आर. डी, राठौर से वॉइस ऑफ झाबुआ संवाददाता ने बात की तो उनका कहना है की मुझे चंद्र शेखर आजाद नगर भाभरा में पदस्थ हुवे 15 दिन हुवे है और मुझे ऐसी कोई जानकारी नहीं है ।में हैंड को तत्काल निर्देश देकर सुधरवाता हु।