Homeझाबुआयहा सिर्फ राजनीति होती है....सेवा नही....

यहा सिर्फ राजनीति होती है….सेवा नही….

 

@Voice  ऑफ  झाबुआ

3 करोड़ से अधिक राशि से नवनिर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झकनावदा कहने को तो झकनावदा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तब्दील हो गया है सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन निर्माण भी जारी है पर भवन निर्माण किन एजेंसी के माध्यम से बन रहा है कितनी राशि का है कौन ठेकेदार है कोई साइन बोर्ड नहीं लगा है वही 50 से 60 ग्राम को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करवाने हेतु शासन द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण करवाया जा रहा है वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर वर्तमान में ना तो कोई डॉक्टर है ना ड्रेसर कहने को तो यहां एक्सरे मशीन भी है पर एक्सरे मशीन लोकार्पण के बाद से आज तक चालू नहीं हुई वही ड्रेसर पद भी भरा हुआ है पर वर्तमान में ड्रेसर कल्याणपुरा अटैच है ना जाने क्या परिस्थिति है ड्रेसर कभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आया ही नहीं और उसको अटैच क्यों कर दिया प्रशासन के रवैया पर कभी-कभी सवालिया निशान उठते हैं वही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पदस्थ डॉक्टर वर्तमान में प्रभारी बीएमओ है आए दिन देखा जाता है स्वास्थ्य सेवा के लिए गरीब आदिवासी अंचल के लोग झोलाछाप डॉक्टरों पर भरोसा कर अपने खून पसीने की कमाई लूटा रहे हैं आए दिन एक्सीडेंट केस भी सामने आते हैं पर क्या करूं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कोई सुविधा उपलब्ध नहीं होने से लोग इधर-उधर भटकते रहते हैं क्या प्रशासन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर जहां पांच एमबीबीएस डॉक्टर रहते हैं वहां एक डॉक्टर भी मुहैया करवा पाएगी या ग्रामीण जन झोलाछाप चिकित्सकों के भरोसे ही अपना जीवन यापन करेंगे क्या इस हॉस्पिटल में एक्सरे लेबोरेटरी या फिर अन्य सुविधा मुहैया होगी कहने को तो इस नगर में राजनीतिक दलों के नगर अध्यक्ष जी से लेकर ब्लॉक जिला तहसील मंडल व प्रदेश लेवल के बिक गई इस नगर में पदाधिकारी निवासरत है क्या इन पदाधिकारियों के मन में भी यह ख्याल नहीं आता है कि हमारे नगर में क्या सुविधा अभी तक उपलब्ध हुई है वैसे तो झकनावदा नगर सांसद गुमान सिंह डामोर का राजनीतिक ग्रह गांव है वैसे तो अक्सर सत्ता पक्ष के नेताओं के मुंह सुना जाता है सांसद महोदय का विशेष गांव है इस गांव में तो कोई समस्या नहीं होनी चाहिए फिर समस्या तो इस गांव में इतनी है की इस गांव की समस्या का निराकरण करते करते दो-तीन वर्षों की सांसद निधि भी पूरी हो जाए पर समस्या खत्म नहीं होगी खैर चुनावी वर्ष है क्या समस्याओं से निजात दिलाने के लिए राजनीतिक दल आगे आएंगे अधिकारी प्रशासनिक सर्जरी करेंगे।

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