थांदला में सरकारी जमीनों का खेल भी निराला चल रहा है… क्यों मुफज्जल का अतिक्रमण टुट नही रहा ये सब सोचने लगे थे…पर किसी को ये नही पता था कि अंदर ही अंदर क्या खेल चल रहा है…!जब खेल सामने आया तो बडा ही निराला निकला…जिस सर्वे नम्बर की जमीन का इतने दिनों से विवाद चल रहा है जिसमें पटवारी साहब की भी बली चढ गई वो सरकारी मुल्यों के हिसाब से करीब 3 करोड से अधिक की भूमि है,जिस पर मुफज्जल और अली सेठ की नजर है…सुत्रों की माने तो उक्त सर्वे नम्बर पर एक बडा भू भाग शासकीय भुमि का है…जिस पर अली सेठ और मुफज्जल दोनों पेट्रोल पंप डालने वाले है…मुफज्जल रिलाइंस का पेट्रोल पंप की जूगत में है…सुत्रों का कहना है जिसकी एनओसी दोनों को दे दी गई है…और इस एनओसी के लिए 10-10 लाख रूपयों के लक्ष्मी यंत्रों की सौंगात मिली है…अली सेठ का तो पम्प चालु हो गया है…वही मुफ़ज्जल की भी तैयारी है…इसमें कई दलाल भी है जो महिलाओं के पल्लु के पीछे रह कर सारा खेल खेलते है…ये वो दल्ले है जो पैसों के लिए अपनी बहन बेटियों को भी बेच खाये…सुत्र बताते है और गलियारों की चर्चा कि इस खेल में एसडीएम व तहसीलदार साहब दोनों सम्मलित है…इसी वजह से मुफज्जल का अतिक्रम तोडा नही जा रहा है… अगर तोड दिया तो पुरा खेल बिगड जायेगा…इन दलालों के बारें में हमआपकोंअगले अंक में बतायेंगे… बाकि ये खेलबडाशातिरता सेखेला गया…जिसको अगले अंक में मयदस्तावेजों के साथ हम बतायेंगे।