
आयुष डावर
मध्यप्रदेश में पंचायत चुनाव और नगरी निकाय चुनाव की घोषणा हो चुकी है, प्रत्याशी अपने-अपने स्तर पर तैयारियों में जुटे हैं नामांकन दाखिल कर रहे हैं लेकिन यह तस्वीर राज्यसभा सांसद सुमेर सिंह सोलंकी के गृह जिले बड़वानी की है जो मध्यप्रदेश के सिस्टम को तमाचा मार रहे हैं पंचायत चुनाव में जहां मतदाताओं को बाहर से लाया जाता है वही चुनाव नजदीक होने के बावजूद यहां का आदिवासी समाज पलायन करने को मजबूर है, धूल धूप में अपने नन्हे-मुन्ने बच्चों के साथ आर्थिक तंगी के चलते पड़ोसी राज्य गुजरात की ओर रुख कर रहे है…
पंचायत चुनाव नजदीक होने के बावजूद क्षेत्र से होने वाला पलायन कही न कहीं मध्यप्रदेश की सरकार पर साव निशान खड़े कर रहा है। मध्यप्रदेश का डिग्रीधारी युवा भी पलायन करने को मजबूर हो चुका है, कारण यही है की वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते – करते
क्या ये राज्यसभा सांसद की भी नाकामयाबी का नतीजा है..???
राज्यसभा सांसद सुमेरसिंह सोलंकी के चुनकर जाने के बाद एक नई उम्मीद जगी थी, लेकिन सांसद महोदय का भी इस क्षेत्र में होने वाले पलायन को लेकर गंभीर नहीं है, देखकर भी अनदेखा कर दिया जाता है। क्षेत्रीय विधायक प्रेमसिंह पटेल व सांसद गजेंद्र पटेल भी इन सारे मुद्दो को लेकर मुखर नहीं है।