आलीराजपुर ब्यूरो चीफ
आलीराजपुर। धर्म , भक्ति और श्रद्धा का अनुपम संगम नगर आलीराजपुर में उस समय देखने को मिला, जब हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी भव्य चुनरी यात्रा का आयोजन अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ किया गया। पंचमुखी हनुमान मंदिर से विधिविधान पूर्वक पूजा पाठ के बाद से प्रारंभ हुई यह पावन यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई मनकामेश्वरी माता मंदिर, बोरखड़ तक पहुंची, जहां विधि-विधान के साथ समापन हुआ।
चुनरी यात्रा में 1100 कलशों के साथ माता के भजनों और जयकारों की मधुर ध्वनि गूंजती रही। सिर पर कलश धारण किए माता-बहनों की श्रद्धा, अनुशासन और भक्ति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। “जय माता दी” के जयघोष से नगर का कोना-कोना गुंजायमान हो उठा, जिससे सम्पूर्ण वातावरण दिव्य और आध्यात्मिक हो गया।

आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल एवं जोबट विधायक नगरपालिका अध्यक्ष सेना महेश पटेल के मार्गदर्शन में आयोजित इस भव्य आयोजन में लगभग तीन हजार चुनरी साड़ियों का वितरण किया गया। यह आयोजन प्रतिवर्ष पटेल परिवार एवं मनकामेश्वरी माता मंदिर समिति द्वारा श्रद्धा पूर्वक संपन्न कराया जाता है, जो क्षेत्र की धार्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। यात्रा के दौरान नगर में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति ने इस आयोजन को एक विराट धार्मिक उत्सव का स्वरूप प्रदान किया। इस पावन अवसर पर 551 मीटर लंबी चुनरी मनकामेश्वरी माता जी को समर्पित की गई, जो श्रद्धा और समर्पण का अद्भुत प्रतीक बनी। इस दिव्य क्षण ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
यात्रा के समापन पर माता की महाआरती एवं प्रसादी वितरण का आयोजन किया गया। अंत में पटेल परिवार एवं मनकामेश्वरी माता मंदिर समिति द्वारा सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों एवं नगरवासियों का आभार व्यक्त किया गया। यह भव्य चुनरी यात्रा न केवल आस्था और भक्ति का प्रतीक बनी, बल्कि सामाजिक एकता, सांस्कृतिक परंपरा और धार्मिक समरसता का भी प्रेरणादायक संदेश दे गई।