दिलीप सिंह भूरिया अलीराजपुर ब्यूरो चीफ
अलीराजपुर। आज शहीद छीतू किराड़ मेहड़ा को लेकर अलीराजपुर जिले में लगातार तीसरे दिन भी विवाद जारी है आज ग्राम पुनियावाट के शहिद के कुटुंब के लोगो और पुनियावाट के ग्रामीणों और भील आदिवासी परंपरा अनुसार किसी भी व्यक्ति की मृत्यु पश्चात आदिवासी रीतिरिवाज अनुसार उनका गाता ( पत्थर की प्रतिमा ) को समाज के सभी लोगों और कुटुंबियों द्वारा ढोल मांदल के साथ नाचते गाते उनकी प्रतिमा स्थापित की गई थी

वो जगह आज भी ग्राम पुनियावाट में स्थित है और उनकी जाती और उनके संबंधी कुटुंबी लोग भी आज भी मौजूद है ग्राम पुनियावाट में आज भील सेना ने अलीराजपुर जिले में स्थापित हो रही उनकी प्रतिमा पर शहिद छितू किराड़ की जगह ( छीतू मेहड़ा भील ) लिखने का जिला प्रशासन और मध्यप्रदेश सरकार से आग्रह किया क्योंकि शहीद भील आदिवासी समाज से है और पुराने प्राचीन इतिहास कारो ने भूल बस उनको किराड़े भिलाला जाती लिख दिया जिसको लेकर एक सप्ताह से और बीते एक वर्ष पूर्व से विवाद जारी है जिसको जांच कर सुधारने के लिए आज पुनः एक भील सेना ने एक ज्ञापन दिया गया।

इस ज्ञापन देते समय भील सेना सुप्रीमो शंकरसिंह बामनिया,केनसिंह भूरिया, रमेश बघेल,नवल सिंह मेहड़ा, वेस्तीया मेहड़ा, निर्मल मेहड़ा छोटा भावटा सरपंच, राकेश मेहड़ा पुनियावाट सरपंच पुत्र, गुलाब सिंह मेहड़ा, रेवला मेहड़ा आमखुट चौकीदार, दिलीप भुरिया, कैलाश मेड़ा बिलझर, भीम सिंह मेहड़ा, रायमल मेहड़ा उपसरंपच आमखुट, इंद्रसिंह मेहड़ा, बाबु मेहड़ा,रालकिया मेहड़ा, नरसु मेहड़ा,तिखीया मेहड़ा, पिंटु मेहड़ा, दिनेश मेहड़ा, नेवलीया मेहड़ा, मंगल सिंह मेहड़ा, मुकेश मेहड़ा, चैन सिंह मेहड़ा बिलघाटा, सेवलीया मेहड़ा,मेरच़द मेहड़ा, सेवलीया मेहड़ा, मानसिंह मेहड़ा, सुरतान मेहड़ा, केंन्दु मेहड़ा, पारसिंह मेहड़ा, दिलीप मेहड़ा, रेलसिंह बामनिया, राजेश भुरिया, दिलीप सिंगाड़, वेस्ता सिंगाड़, प्रदीप मेहड़ा, सचिन भूरिया, धीरज मंडलोई, प्रकाश मेहड़ा, रायसिंह सिंगाड़, सुमाल मेहड़ा, राजेश पचाया, रुम सिंह बामनिया, छीतु बामनिया, डूंगरिया कटारिया, सुमारिया पचाया, लोंग सिंह बामनिया, भाया कटारिया,सुबला चंगोड़,भुवान पचाया, राजु पचाया, आलम पचाया, कापसिंह बामनिया, कापसिं कटारिया,आदि ज्ञापन देते समय उपस्थित रहे ।